हमीरपुर में विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा, उपायुक्त ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
हमीरपुर। जिला हमीरपुर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए शनिवार को हमीर भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने की। इस दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, जल शक्ति, बिजली बोर्ड, कृषि, बागवानी, ग्रामीण विकास, लोक निर्माण विभाग सहित कई अन्य विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और लंबित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित अधिकांश योजनाएं सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन से जुड़ी हुई हैं। इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि विकास योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि योजनाएं निर्धारित समय में पूरी होती हैं तो इसका सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचता है और विकास कार्यों की गति भी बनी रहती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट रखें और समय-समय पर उसकी समीक्षा भी करें। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना में यदि कोई तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य प्रकार की समस्या आ रही है तो उसकी जानकारी समय रहते प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए ताकि उसका समाधान किया जा सके।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रख रही है। जिला स्तर पर भी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आगामी जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में भी विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसलिए सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि उनके पास योजनाओं से संबंधित अद्यतन आंकड़े और प्रगति विवरण उपलब्ध हों।
उपायुक्त ने विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और सामाजिक न्याय से संबंधित योजनाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ये ऐसे क्षेत्र हैं जिनका सीधा प्रभाव समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन स्तर पर पड़ता है। इसलिए इन योजनाओं के कार्यान्वयन में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में ग्रामीण विकास, कृषि और बागवानी विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास और किसानों की आय बढ़ाने में इन विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए किसानों और ग्रामीण समुदाय तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए।
जल शक्ति विभाग, बिजली बोर्ड और लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेयजल, विद्युत और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं लोगों के जीवन की आवश्यक जरूरतें हैं और इनसे संबंधित परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा चल रहे कार्यों की जानकारी साझा की। कई विभागों ने अपने-अपने क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना के बारे में भी जानकारी दी।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक गर्ग ने भी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाए रखते हुए कार्य करने का आग्रह किया ताकि योजनाओं के बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।
बैठक में नगर निगम आयुक्त राकेश शर्मा, एसी टू डीसी चिराग शर्मा तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उपायुक्त को योजनाओं की ताजा स्थिति से अवगत करवाया और कई महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने अंत में कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल लक्ष्य प्राप्त करना नहीं बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने अधिकारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।