हमीरपुर में जनगणना-2027 प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू

rakesh nandan

27/04/2026

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में सोमवार को हमीर भवन में फील्ड ट्रेनरों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है, ताकि फील्ड स्तर पर डेटा संग्रहण और एंट्री में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपायुक्त एवं जिला हमीरपुर की प्रधान जनगणना अधिकारी गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि जनगणना-2027 एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान एकत्रित किया गया डेटा ही भविष्य की सरकारी योजनाओं और नीतियों का आधार बनता है। इसलिए यह आवश्यक है कि डेटा संग्रहण पूरी सटीकता और सावधानी के साथ किया जाए।

गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि भारत की यह 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। इसके लिए तीन अलग-अलग डिजिटल प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं, जिनके माध्यम से डेटा एकत्रित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि नागरिक स्वयं भी स्व-प्रगणना पोर्टल (Self Enumeration Portal) के माध्यम से अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिला देश के सबसे साक्षर और जागरूक जिलों में शामिल है। ऐसे में यदि लोगों को सही तरीके से जागरूक किया जाए और उन्हें स्वयं अपनी जानकारी भरने के लिए प्रेरित किया जाए, तो जनगणना का कार्य काफी आसान और तेज हो सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनजागरूकता अभियान पर विशेष ध्यान दें।

कार्यशाला के दौरान मास्टर ट्रेनरों और फील्ड ट्रेनरों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया गया। गंधर्वा राठौड़ ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के बाद सभी ट्रेनर अपने-अपने क्षेत्रों में सुपरवाइजरों और प्रगणकों को प्रशिक्षित करें और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करें।

उन्होंने बताया कि जनगणना के पहले चरण में मकानों और अन्य भवनों की लिस्टिंग का कार्य किया जा रहा है, जिसकी प्रगति हमीरपुर जिले में संतोषजनक है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों की संपत्तियां एक से अधिक स्थानों पर होती हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि एक व्यक्ति की गणना केवल एक ही स्थान पर हो, ताकि जनसंख्या का सही आंकड़ा सामने आ सके।

कार्यशाला के पहले दिन मास्टर ट्रेनर वैशाली शर्मा और रमेश कुमार ने प्रतिभागियों को जनगणना से संबंधित अधिनियम, नियमों और प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फील्ड ट्रेनरों को डेटा संग्रहण, सत्यापन और डिजिटल एंट्री के विभिन्न पहलुओं से भी अवगत कराया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जनगणना-2027 के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो और सभी अधिकारी अपने कार्य को पूरी दक्षता के साथ संपन्न करें। डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से जनगणना को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

अंततः, यह कहा जा सकता है कि हमीरपुर में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यशाला जनगणना-2027 की सफलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि सभी अधिकारी और कर्मचारी इस प्रशिक्षण का सही तरीके से उपयोग करते हैं, तो जनगणना प्रक्रिया को सफलतापूर्वक और त्रुटिरहित तरीके से पूरा किया जा सकता है।