धर्मपुर क्षेत्र में अवैध खनन के मुद्दे ने एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने इस विषय को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि धर्मपुर क्षेत्र में अवैध खनन लगातार बढ़ रहा है और इसके कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि किसानों की भूमि और पेयजल स्रोत भी प्रभावित हो रहे हैं।
200 बीघा से अधिक भूमि प्रभावित
राकेश जमवाल के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र की 200 से अधिक बीघा कृषि भूमि अवैध खनन के कारण प्रभावित हुई है। यह स्थिति स्थानीय किसानों के लिए बेहद चिंताजनक है, क्योंकि उनकी आजीविका सीधे तौर पर खेती पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के दो प्रमुख खड्डों से लगातार खनन किया जा रहा है, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है और मिट्टी का कटाव बढ़ रहा है।
पेयजल योजनाओं पर भी असर
उन्होंने कहा कि अवैध खनन के कारण कम से कम 4 से 5 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इससे हजारों लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। जल स्रोतों के सूखने और दूषित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
विधानसभा में उठाया मुद्दा
राकेश जमवाल ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को कई बार विधानसभा में भी उठाया है, लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यह सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है और यह दर्शाता है कि प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
खनन माफिया को संरक्षण का आरोप
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि प्रदेश में खनन माफिया को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उनके अनुसार रात के समय दर्जनों ट्रैक्टर और टिप्पर अवैध खनन में लगे रहते हैं, लेकिन संबंधित विभाग कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने इसे प्रशासन की निष्क्रियता और मिलीभगत का संकेत बताया।
उच्च न्यायालय की टिप्पणियों की अनदेखी
जमवाल ने यह भी कहा कि इस मामले में माननीय उच्च न्यायालय की टिप्पणियों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है, जो बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि जब न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है और फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही, तो यह प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट उदाहरण है।
“माफिया राज” का आरोप
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में “माफिया राज” स्थापित हो चुका है, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का खुलेआम दोहन किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा नुकसान आम जनता, किसानों और स्थानीय निवासियों को उठाना पड़ रहा है।
सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
राकेश जमवाल ने सरकार से मांग की है कि अवैध खनन पर तुरंत प्रभाव से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाए जाएं और प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और संरक्षण कार्य शुरू किए जाएं।
आंदोलन की चेतावनी
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द इस मुद्दे पर कार्रवाई नहीं की, तो भाजपा प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
पर्यावरण और आजीविका पर खतरा
यह मामला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि पर्यावरण और जनजीवन से जुड़ा हुआ है। अवैध खनन से जहां प्राकृतिक संसाधनों का नुकसान हो रहा है, वहीं लोगों की आजीविका भी खतरे में पड़ रही है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि प्रशासन और सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं से बचा जा सके।