भूस्खलन प्रभावित क्यारी-जबल क्षेत्र का उपायुक्त राहुल कुमार ने किया दौरा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
बिलासपुर। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ क्यारी एवं जबल क्षेत्र का दौरा कर भूस्खलन से प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्यारी से जबल सड़क पर हुए भूस्खलन के कारण उत्पन्न समस्याओं का निरीक्षण किया तथा स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी परेशानियों को सुना। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
दौरे के दौरान मझेड़ और कुटैहला पंचायतों के ग्रामीणों ने उपायुक्त को क्षेत्र की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि भूस्खलन के कारण सड़क का एक हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से क्यारियां गांव के लोगों को श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए लगभग 13 से 14 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और आपातकालीन परिस्थितियों में भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है तथा सड़क से जुड़ी समस्याओं को शीघ्र दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने क्यारियां क्षेत्र में चल रहे कटिंग कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने देखा कि सड़क निर्माण और कटिंग कार्य के दौरान बड़ी मात्रा में पत्थर और मलबा निकल रहा है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कटिंग से निकलने वाले पत्थरों और अन्य सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि कोई व्यक्ति उन्हें अवैध रूप से न उठा सके।
उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने कहा कि निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से निर्माण सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से कैमरों की स्थापना और नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
दौरे के दौरान फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के कारण ग्रामीणों को हो रही अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों ने बिजली और पेयजल आपूर्ति में आने वाली बाधाओं सहित कई अन्य मुद्दे उपायुक्त के समक्ष रखे। इस पर राहुल कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। यदि किसी कारणवश बिजली, पानी या अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित होती हैं तो उन्हें जल्द से जल्द बहाल करने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से क्षेत्र की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी और कहा कि सड़क, पेयजल, बिजली तथा अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्रामीणों से निरंतर संवाद बनाए रखा जाए ताकि उनकी समस्याओं की जानकारी समय पर मिल सके और उनका समाधान किया जा सके।
राहुल कुमार ने कहा कि प्रशासन क्षेत्र में विकास कार्यों और जनसुविधाओं के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
इस निरीक्षण दौरे में एसडीएम धर्मपाल, डीएफओ राजीव कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, एनएचएआई के अधिकारी तथा पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष होशियार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उपायुक्त को क्षेत्र में चल रहे कार्यों और समस्याओं के समाधान के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
दौरे के अंत में उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें।