बिलासपुर में हीटवेव को लेकर अलर्ट, उपायुक्त राहुल कुमार ने नागरिकों से बरतने को कहा विशेष सावधानी
बिलासपुर, 29 मई। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और आगामी दिनों में हीटवेव की संभावित परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बिलासपुर राहुल कुमार ने नागरिकों से स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय अपनाने और गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि अत्यधिक गर्मी और लू स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। इसलिए समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नागरिकों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। इस दौरान सूर्य की किरणें सबसे अधिक प्रभावी होती हैं और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।
उपायुक्त ने कहा कि गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों को प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके साथ ही ओआरएस घोल, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है, ताकि शरीर में पानी और आवश्यक खनिजों की कमी न हो।
उन्होंने बताया कि गर्मी से बचाव के लिए हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने चाहिए। घर से बाहर निकलते समय छाता, टोपी, धूप का चश्मा और उपयुक्त जूतों का उपयोग करना चाहिए। इससे शरीर को सीधे सूर्य की किरणों के प्रभाव से बचाया जा सकता है।
राहुल कुमार ने कहा कि गर्मी के दौरान चाय, कॉफी, शराब और अत्यधिक शर्करा युक्त ठंडे पेय पदार्थों का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। ये शरीर में पानी की कमी को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा बासी, अत्यधिक मसालेदार और भारी भोजन से भी परहेज करने की सलाह दी गई है। इसके स्थान पर हल्का और पौष्टिक भोजन करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा।
उपायुक्त ने लोगों को अपने घरों को भी ठंडा रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि घरों में पर्दों, पंखों और उचित वेंटिलेशन का उपयोग किया जाए ताकि अंदर का तापमान नियंत्रित रह सके। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी कि बच्चों और पालतू जानवरों को किसी भी स्थिति में बंद वाहनों में अकेला न छोड़ा जाए, क्योंकि वाहन के भीतर तापमान बहुत तेजी से बढ़ सकता है और यह जानलेवा साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और खुले में काम करने वाले श्रमिक हीटवेव के दौरान सबसे अधिक प्रभावित होने वाले वर्ग हैं। इसलिए इनके स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
उपायुक्त राहुल कुमार ने हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक के लक्षणों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अत्यधिक पसीना आना, कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना, सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, मतली और उल्टी होना हीट एग्जॉशन के प्रमुख लक्षण हैं।
वहीं शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाना, त्वचा का गर्म और शुष्क हो जाना, भ्रम की स्थिति पैदा होना, बेहोशी या अचानक गिर जाना तथा दौरे पड़ना हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि हीट स्ट्रोक एक चिकित्सीय आपातकाल है और इसमें तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है।
उन्होंने सलाह दी कि यदि किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाया जाए। शरीर को ठंडा करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां लगाई जाएं या ठंडे पानी का छिड़काव किया जाए। यदि व्यक्ति होश में हो तो उसे पानी या ओआरएस पिलाया जा सकता है। साथ ही बिना देरी किए चिकित्सीय सहायता प्राप्त करनी चाहिए।
उपायुक्त ने जिले के सभी सरकारी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संगठनों से भी अपील की है कि वे लोगों तक हीटवेव से बचाव संबंधी जानकारी पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर सावधानी ही गर्मी के दुष्प्रभावों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि गर्मी के इस मौसम में स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें, पर्याप्त पानी पिएं, तेज धूप से बचें और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समय पर बरती गई सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।