जिला बिलासपुर को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय पोषण समिति (डिस्ट्रिक्ट न्यूट्रिशन कमेटी) की बैठक बुधवार को बचत भवन बिलासपुर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त राहुल कुमार ने की। बैठक में शिशुओं, बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि कुपोषण केवल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग या महिला एवं बाल विकास विभाग तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह बहुआयामी सामाजिक और विकासात्मक चुनौती है। इसके समाधान के लिए स्वास्थ्य, आयुर्वेद, शिक्षा, कृषि, बागवानी, जल एवं स्वच्छता, ग्रामीण विकास और जनजागरूकता से जुड़े सभी विभागों की संयुक्त भूमिका आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों और सामूहिक सहभागिता से ही जिला बिलासपुर को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। जिला पोषण समिति का मुख्य उद्देश्य विभागों के बीच प्रभावी तालमेल स्थापित करना और पोषण संबंधी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
पोषण संकेतकों की होगी नियमित निगरानी
उपायुक्त ने कहा कि जिला पोषण समिति बच्चों में स्टंटिंग (उम्र के अनुसार कम लंबाई), वेस्टिंग (ऊंचाई के अनुसार कम वजन) और अल्पवजन जैसी समस्याओं की नियमित निगरानी करेगी। इसके अलावा एनीमिया और कुपोषण की रोकथाम के लिए भी विशेष रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि समिति पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता, टेक-होम राशन की जांच, आंगनवाड़ी केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण भोजन की उपलब्धता तथा पोषण संबंधी जागरूकता गतिविधियों की भी नियमित समीक्षा करेगी। इससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
गर्भवती महिलाओं के लिए बनेगी विशेष न्यूट्रिशन किट
बैठक के दौरान गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए विशेष न्यूट्रिशन किट तैयार करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उपायुक्त राहुल कुमार ने निर्देश दिए कि यह किट पोषण विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है। न्यूट्रिशन किट के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और नवजात शिशुओं के स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। यह पहल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
स्वास्थ्य विभाग को दिए विशेष निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की पहचान तथा उनके प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आयरन-फोलिक एसिड की नियमित उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि पोषण पुनर्वास केंद्रों में जरूरतमंद बच्चों की भर्ती और उपचार की व्यवस्था मजबूत की जाए ताकि गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को समय पर उचित देखभाल और चिकित्सा सुविधा मिल सके।
पोषण युक्त कृषि को मिलेगा बढ़ावा
कृषि विभाग को स्थानीय स्तर पर पोषण युक्त कृषि को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। बैठक में पोषण वाटिकाओं के विकास, फल एवं सब्जियों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने और परिवारों को पौष्टिक खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित पौष्टिक खाद्य सामग्री कुपोषण की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसके लिए कृषि एवं बागवानी विभाग को सामुदायिक स्तर पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
जिला स्तरीय कार्ययोजना तैयार होगी
बैठक में जिला योजना अधिकारी को जिला स्तरीय पोषण कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके अंतर्गत विभिन्न विभागों की गतिविधियों की निगरानी, मूल्यांकन तथा राज्य एवं राष्ट्रीय पोषण नीतियों के अनुरूप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्य किया जाएगा। उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि पोषण अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनभागीदारी से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों से इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें अपनी सक्रिय भूमिका निभा सके।
सामूहिक प्रयासों से हासिल होगा लक्ष्य
उपायुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि नियमित निगरानी, सामुदायिक सहभागिता, विभागीय समन्वय और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जिला बिलासपुर को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। बैठक का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग नरेंद्र कुमार ने किया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और पोषण संबंधी कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।