जिला बिलासपुर में जनगणना-2027 अभियान का औपचारिक शुभारंभ उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित बचत भवन में किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार ने स्वयं स्वगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर अभियान की शुरुआत की और जिला के नागरिकों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, सहायक आयुक्त राजकुमार तथा जनगणना कार्य से जुड़े विभिन्न अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जनगणना प्रक्रिया, स्वगणना सुविधा और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन संचालित जनगणना-2027 अभियान देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की विकास योजनाओं, नीतियों और संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन का आधार भी बनती है।
उन्होंने बताया कि 1 जून से 15 जून 2026 तक नागरिकों को स्वगणना (Self Enumeration) की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इस अवधि के दौरान लोग स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए विशेष पोर्टल उपलब्ध कराया गया है, जहां बिना किसी मध्यस्थ के पूरी जानकारी डिजिटल रूप से अपलोड की जा सकती है।
राहुल कुमार ने कहा कि स्वगणना सुविधा जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाती है। इससे नागरिक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं, जिससे आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता भी बढ़ती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निर्धारित अवधि के भीतर इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा बनाई जाने वाली विभिन्न योजनाएं और विकास कार्यक्रम जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होते हैं। इसलिए नागरिकों द्वारा दी गई सही और संपूर्ण जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। सटीक आंकड़ों के आधार पर ही सरकार किसी क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन कर सकती है और उसी अनुरूप योजनाएं तैयार कर सकती है।
उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और आवासीय गणना का कार्य 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। इस चरण में घरों, भवनों और आवासीय सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्रित की जाएगी।
इसके बाद दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दौरान प्रत्येक परिवार और व्यक्ति से संबंधित विस्तृत आंकड़े संकलित किए जाएंगे, जो देश की जनसंख्या संरचना और सामाजिक-आर्थिक स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राहुल कुमार ने बताया कि स्वगणना अवधि समाप्त होने के बाद प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। इसके साथ ही आवश्यक आंकड़ों का संग्रहण भी किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि जिला बिलासपुर में जनगणना कार्य के लिए लगभग 1,130 प्रगणकों की तैनाती की गई है। ये प्रगणक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रत्येक परिवार तक पहुंचेंगे और आवश्यक जानकारी एकत्रित करेंगे। इसके अलावा पर्यवेक्षक भी पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि जनगणना कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
उपायुक्त ने नागरिकों से आग्रह किया कि जब जनगणना कर्मी उनके घर आएं तो उन्हें पूरा सहयोग प्रदान करें और सही जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का अभियान है और इसकी सफलता में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से जनगणना प्रक्रिया को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। इससे समय की बचत होगी, डेटा संग्रहण अधिक प्रभावी होगा और भविष्य में योजनाओं के निर्माण के लिए अधिक सटीक आंकड़े उपलब्ध होंगे।
जिला प्रशासन को उम्मीद है कि बिलासपुर के नागरिक इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे और स्वगणना सुविधा का उपयोग करके जनगणना-2027 को सफल बनाने में अपना योगदान देंगे।