विकास खंड भोरंज में महिलाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर का निरीक्षण उपायुक्त Gandharva Rathore ने किया। यह शिविर ग्राम पंचायत भकेड़ा के गांव भैरवीं जट्टां में Punjab National Bank Rural Self Employment Training Institute द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 30 महिलाओं को मोमबत्ती निर्माण सहित अन्य उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें छोटे स्तर पर उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
निरीक्षण के दौरान Gandharva Rathore ने कहा कि आरसेटी द्वारा आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं घर बैठे ही अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के उद्यमों को शुरू करने के लिए विभिन्न बैंकों द्वारा ऋण योजनाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। महिलाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहिए। इससे न केवल व्यक्तिगत स्तर पर लाभ होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
Punjab National Bank Rural Self Employment Training Institute का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह संस्थान विभिन्न प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है, जिससे प्रतिभागियों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलते हैं।
इस अवसर पर जिला अग्रणी प्रबंधक Dharmendra Syal, आरसेटी के निदेशक Ajay Katna, खंड विकास अधिकारी Kulwant Singh और अन्य अधिकारियों ने उपायुक्त का स्वागत किया और संस्थान की गतिविधियों तथा उपलब्धियों की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि आरसेटी द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान और कौशल प्रदान किया जाता है, जिससे वे अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकें।
इस दौरान वित्तीय साक्षरता सलाहकार GC Bhatti, आरसेटी के फैकल्टी सदस्य Vinay Chauhan और Kiran Kumari सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी होते हैं। इससे न केवल उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है, बल्कि समाज में उनकी भागीदारी भी बढ़ती है।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि भोरंज में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। यदि इस प्रकार के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है और महिलाओं को सशक्त बनाया जा सकता है।