ऊना जिला परिषद के 17 नवनिर्वाचित सदस्यों ने ली शपथ, उपायुक्त ने जनहित में कार्य करने का किया आह्वान
जिला परिषद ऊना के नवनिर्वाचित 17 सदस्यों ने सोमवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित एक गरिमामय समारोह में पद एवं दायित्व की शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) जतिन लाल ने सभी सदस्यों को शपथ दिलाई। समारोह में ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम लोकतांत्रिक परंपराओं और पंचायती राज संस्थाओं की मजबूती का प्रतीक बना।
शपथ ग्रहण समारोह में जिला परिषद के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए जनहित में कार्य करने का संकल्प लिया। शपथ ग्रहण के साथ ही सभी सदस्य आधिकारिक रूप से अपने-अपने वार्डों का प्रतिनिधित्व करने और जिला परिषद की विकास गतिविधियों में भागीदारी निभाने के लिए अधिकृत हो गए।
इस अवसर पर उपायुक्त जतिन लाल ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पंचायती राज संस्थाएं भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद ग्रामीण विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में निर्वाचित सदस्यों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
उपायुक्त ने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधियों पर विश्वास जताकर उन्हें विकास और जनसेवा का अवसर दिया है। इसलिए सभी सदस्यों को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण भाव से करना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी सदस्य जिला के समग्र विकास में सक्रिय योगदान देंगे और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
शपथ ग्रहण करने वाले सदस्यों में जिला परिषद वार्ड मुबारिकपुर से पवनजीत सिंह, कुठेड़ा खैरला से अरुण लता, ठठल से सरबन सिंह, सोहारी से योगराज, लठियाणी से अनीता देवी और धनेत से चंचल वाला शामिल रहे। इसके अलावा टक्का से सुमित कुमार शर्मा, चताड़ा से अनु ठाकुर, देहलां अप्पर से अविनाश कुमार तथा रायपुर सहोड़ा से बिंदु शर्मा ने भी शपथ ग्रहण की।
इसी प्रकार बाथू से ज्योति वाला, दुलैहड़ से सुलिंदरपाल कौर, हरोली से केवल सिंह, पंजावर से इंदु वाला, अम्बोटा से पवन कुमार, चलेट से आरती देवी तथा भंजाल लोअर से गुरमुख सिंह ने भी जिला परिषद सदस्य के रूप में अपने पद की शपथ ली। सभी सदस्यों ने क्षेत्र के विकास और जनता की सेवा के लिए समर्पित रहने का संकल्प व्यक्त किया।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। बताया गया कि जिला परिषद ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं की निगरानी, विभिन्न विभागों के कार्यों में समन्वय तथा स्थानीय समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में जिला परिषद की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि जिला परिषद के सदस्य सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। वे लोगों की समस्याओं और अपेक्षाओं को प्रशासन तक पहुंचाते हैं तथा विकास योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करवाने में सहयोग करते हैं। इसलिए जनप्रतिनिधियों को अपने कार्यकाल के दौरान जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए।
समारोह में विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने भी नवनिर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं दीं और उनसे विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सभी जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार, जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी, नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के परिजन तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक रहा।
जिला परिषद ऊना के 17 नवनिर्वाचित सदस्यों का यह शपथ ग्रहण समारोह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं था, बल्कि ग्रामीण विकास और जनसेवा की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत भी था। अब जिले की जनता को इन प्रतिनिधियों से विकास कार्यों को गति देने, जनसमस्याओं के समाधान और क्षेत्र के समग्र विकास में प्रभावी योगदान की अपेक्षा है।