ऊना में पंचायत चुनावों के दौरान सवैतनिक अवकाश घोषित
पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनाव-2026 को लेकर जिला प्रशासन ऊना ने मतदान प्रक्रिया में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिला ऊना में पंचायत चुनावों के दौरान संबंधित मतदान वाले पंचायत क्षेत्रों में सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश 26 मई को प्रथम चरण, 28 मई को द्वितीय चरण तथा 30 मई को तृतीय चरण के मतदान के दौरान लागू रहेगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने तथा अधिकतम मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ये आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और प्रत्येक मतदाता की भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाती है।
उपायुक्त ने बताया कि मतदान वाले संबंधित पंचायत क्षेत्रों में इन तिथियों पर सभी सरकारी कार्यालय, बोर्ड, निगम, शैक्षणिक संस्थान और औद्योगिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। इसके अतिरिक्त औद्योगिक विवाद अधिनियम के अंतर्गत आने वाले संस्थानों सहित संबंधित पंचायत क्षेत्रों में स्थित दुकानें और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान भी मतदान के दिन बंद रखे जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अवकाश दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों पर भी लागू होगा। साथ ही इसे परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 25 के अंतर्गत मान्य सवैतनिक अवकाश माना जाएगा। इससे कर्मचारियों को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आर्थिक रूप से किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि राज्य के विभिन्न स्थानों पर कार्यरत ऐसे कर्मचारी, जिन्हें संबंधित पंचायती राज संस्थाओं में मतदान करने का अधिकार प्राप्त है, उन्हें विशेष आकस्मिक अवकाश भी प्रदान किया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारी को पीठासीन अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिसमें यह प्रमाणित किया जाएगा कि उसने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य पंचायत चुनावों को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाना है। इसके लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, मूलभूत सुविधाओं और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकारियों को पहले ही आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।
जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी संस्थानों से चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। प्रशासन का मानना है कि यदि मतदाताओं को मतदान के लिए पर्याप्त समय और सुविधा मिलेगी तो मतदान प्रतिशत में भी बढ़ोतरी होगी।
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया माने जाते हैं। इन चुनावों के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों का चयन होता है, जो स्थानीय विकास योजनाओं और ग्रामीण प्रशासन में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रशासन मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने और अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
उपायुक्त जतिन लाल ने सभी नागरिकों, कर्मचारियों और संस्थानों से लोकतंत्र के इस महापर्व में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदान केवल अधिकार ही नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया में सहयोग देने और अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि पंचायत चुनावों में लोगों की सक्रिय भागीदारी से लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा ग्रामीण विकास की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।