सिरमौर में पंचायत चुनावों के दौरान ड्राई डे घोषित

rakesh nandan

22/05/2026

सिरमौर में पंचायत चुनावों और मतगणना के दौरान ड्राई डे घोषित

पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को लेकर जिला प्रशासन सिरमौर ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त प्रियंका वर्मा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिला में पंचायत चुनावों और मतगणना प्रक्रिया के दौरान संबंधित क्षेत्रों में ड्राई डे घोषित किया गया है।

जारी आदेशों के अनुसार पंचायत चुनावों के प्रथम चरण, द्वितीय चरण और तृतीय चरण के मतदान को ध्यान में रखते हुए 26, 28 और 30 मई को मतदान प्रक्रिया से 48 घंटे पूर्व से संबंधित क्षेत्रों में शराब की बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त 31 मई को पंचायत समितियों और जिला परिषद की मतगणना के दिन भी संबंधित क्षेत्रों में ड्राई डे लागू रहेगा।

उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि मतदान समाप्त होने के निर्धारित समय से 48 घंटे पूर्व से लेकर मतगणना पूर्ण होने तक किसी भी होटल, ढाबा, दुकान, शराब विक्रय केंद्र या सार्वजनिक एवं निजी स्थान पर मादक पदार्थों की बिक्री, वितरण या परोसने की अनुमति नहीं होगी।

जिला प्रशासन ने कहा कि यह प्रतिबंध संबंधित मतदान क्षेत्रों में पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाएगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आदेशों की निगरानी और पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। चुनावों के दौरान शराब की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने का उद्देश्य किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को रोकना है।

उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदान से पूर्व “शांत अवधि” के दौरान किसी भी प्रकार की चुनावी या सामाजिक गतिविधि पर विशेष निगरानी रखी जाती है। इसी क्रम में मादक पदार्थों की बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 158-त् के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

जिला प्रशासन ने होटल संचालकों, ढाबा मालिकों, शराब विक्रेताओं और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों से आदेशों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पंचायत चुनावों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। प्रशासन ने पुलिस विभाग को नियमित गश्त और निगरानी के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावों के दौरान ड्राई डे लागू करने से शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। इससे चुनावी माहौल में अनुशासन बनाए रखने और संभावित विवादों को रोकने में सहायता मिलती है।

उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने सभी नागरिकों से भी प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया हैं और इन्हें शांतिपूर्ण तथा निष्पक्ष ढंग से संपन्न करवाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं को बिना किसी दबाव और भय के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए। प्रशासन इसी उद्देश्य के साथ सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है।

जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि चुनावों को पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।