सिरमौर में पुलिस कर्मी ने रक्तदान कर बचाई जान

rakesh nandan

16/04/2026

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में मानवता और सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहां एक पुलिस कर्मी ने आपातकालीन स्थिति में रक्तदान कर एक गर्भवती महिला और उसके बच्चे की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घटना समाज में रक्तदान के महत्व को एक बार फिर उजागर करती है।

जानकारी के अनुसार, Drops of Hope Society Sirmour के सक्रिय सदस्य विनोद शर्मा ने बी-नेगेटिव रक्तदान किया। उन्हें सूचना मिली थी कि तहसील शिलाई के गांव क्यारी गुड़हा पाब की एक गर्भवती महिला मरीज को अत्यंत आपातकालीन स्थिति में रक्त की आवश्यकता है। महिला का इलाज डॉ. वाई एस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन के गायनी विभाग में चल रहा था।

डॉक्टरों के अनुसार महिला में हीमोग्लोबिन की गंभीर कमी थी और उनका ऑपरेशन किया जाना था। इस स्थिति में बी-नेगेटिव रक्त की तीसरी यूनिट की तत्काल आवश्यकता थी, जो कि एक दुर्लभ ब्लड ग्रुप होने के कारण आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता।

जैसे ही इस आवश्यकता की जानकारी सोसाइटी के सदस्य विनोद शर्मा को दी गई, उन्होंने बिना देर किए रक्तदान के लिए सहमति दे दी। अपने व्यस्त कार्यक्षेत्र से समय निकालकर वे तुरंत ब्लड बैंक नाहन पहुंचे और रक्तदान किया। उनके इस योगदान से समय पर ऑपरेशन संभव हो पाया और जच्चा-बच्चा दोनों की जान बचाई जा सकी।

यह विनोद शर्मा का तीसरा रक्तदान था, जो यह दर्शाता है कि वे समाज सेवा के प्रति कितने समर्पित हैं। वे हिमाचल प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पद पर कार्यरत हैं और अपने कर्तव्यों के साथ-साथ सामाजिक सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

रक्तदान के बाद ब्लड बैंक नाहन की स्टाफ नर्स स्वाति द्वारा उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सोसाइटी के अन्य सदस्यों ने भी उनके इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

Drops of Hope Society Sirmour लंबे समय से रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय है और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। सोसाइटी के सदस्य दिन-रात लोगों की मदद के लिए तैयार रहते हैं और आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समय पर किया गया रक्तदान किसी के लिए जीवनदान बन सकता है। खासकर बी-नेगेटिव जैसे दुर्लभ रक्त समूह के मामले में जागरूकता और तत्परता बेहद जरूरी है।

अंत में, सोसाइटी ने सभी लोगों से अपील की है कि वे रक्तदान के प्रति जागरूक बनें और जरूरत पड़ने पर आगे आकर दूसरों की मदद करें। साथ ही उन्होंने नशे के खिलाफ भी आवाज उठाने का संदेश दिया और समाज से “चिट्टे” जैसे घातक नशे का विरोध करने की अपील की।

“रक्तदानी ही जीवनदानी है” — इस संदेश के साथ यह घटना समाज को सेवा, मानवता और जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण संदेश देती है।