शिमला ग्रीष्मोत्सव में ‘बैक टू लाइफ’ फिल्म फेस्टिवल

rakesh nandan

29/05/2026

अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव 2026 के अंतर्गत युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देने के उद्देश्य से “बैक टू लाइफ” विषय पर विशेष फिल्म फेस्टिवल एवं लघु फिल्म प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 8 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगा।

जिलाधीश एवं अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव समिति के अध्यक्ष Anupam Kashyap ने बताया कि वर्तमान समय में युवाओं के बीच नशे की बढ़ती प्रवृत्ति एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुकी है। विशेष रूप से सिंथेटिक ड्रग्स और चिट्टा जैसे खतरनाक नशे युवाओं के भविष्य, परिवारों और पूरे समाज को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में कला, साहित्य और सिनेमा जैसे प्रभावी माध्यमों के जरिए जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए “Back To Life” थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। यह प्रतियोगिता केवल मनोरंजन या सांस्कृतिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सामाजिक जागरूकता के एक सशक्त अभियान के रूप में देखा जा रहा है। इसके माध्यम से युवाओं को नशे के खिलाफ सकारात्मक संदेश देने और जीवन की ओर लौटने की प्रेरणा देने का प्रयास किया जाएगा।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं में आशा, आत्मविश्वास, पुनर्वास और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है। प्रतिभागियों को ऐसी प्रेरणादायक और संवेदनशील लघु फिल्में तैयार करने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो नशे की गिरफ्त में आए लोगों के संघर्ष, पुनर्वास और नई जिंदगी की शुरुआत की कहानी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर सकें।

उन्होंने कहा कि नशे से जुड़ी समस्याओं पर आधारित रचनात्मक अभिव्यक्तियां समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन सकती हैं। जब कोई संदेश भावनात्मक और कलात्मक रूप में लोगों तक पहुंचता है तो उसका प्रभाव अधिक व्यापक और स्थायी होता है। यही कारण है कि इस बार ग्रीष्मोत्सव में फिल्म निर्माण को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की पहल की गई है।

प्रतियोगिता में देशभर के विद्यार्थी, शौकिया फिल्म निर्माता और पेशेवर फिल्मकार भाग ले सकते हैं। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए फिल्म की अधिकतम अवधि 5 मिनट निर्धारित की गई है। फिल्म हिंदी या अंग्रेजी भाषा में बनाई जा सकती है। इससे अधिक से अधिक प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां 5 जून 2026 से आमंत्रित की जाएंगी। प्रतिभागी अपनी फिल्में 10 जून 2026 को शाम 7 बजे तक जमा करवा सकेंगे। निर्धारित समय के बाद प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए इच्छुक प्रतिभागियों से समय सीमा का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।

प्रतियोगिता को आकर्षक बनाने के लिए प्रशासन ने पुरस्कार राशि की भी घोषणा की है। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली फिल्म को ₹1,00,000 का नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹50,000 तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में ₹25,000 की राशि दी जाएगी। इसके अलावा दो विशेष सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

उपायुक्त ने बताया कि प्रतिभागी अपनी फिल्में ईमेल के माध्यम से जमा कर सकते हैं। इसके अलावा उपायुक्त कार्यालय शिमला में भी प्रविष्टियां स्वीकार की जाएंगी। ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से भी फिल्मों को जमा करवाने की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, जिससे देश के किसी भी हिस्से से प्रतिभागी आसानी से प्रतियोगिता में शामिल हो सकें।

उन्होंने युवाओं, फिल्म निर्माताओं, विद्यार्थियों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों से इस सामाजिक अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उनका कहना है कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि समाज को दिशा देने और जागरूकता फैलाने का एक प्रभावशाली उपकरण है।

अनुपम कश्यप ने विश्वास व्यक्त किया कि “बैक टू लाइफ” फिल्म फेस्टिवल नशामुक्त और जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह आयोजन युवाओं को सकारात्मक सोच अपनाने, जीवन में नई शुरुआत करने और समाज में रचनात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करेगा। शिमला ग्रीष्मोत्सव 2026 के इस विशेष आयोजन से नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।