शिमला में नारी शक्ति पदयात्रा और टाउन हॉल 15 अप्रैल

rakesh nandan

14/04/2026

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में 15 अप्रैल 2026 को महिलाओं के सशक्तिकरण को समर्पित दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। महिला मोर्चा अध्यक्ष डेज़ी ठाकुर के नेतृत्व में “नारी शक्ति फोरम” एवं एक सामाजिक संस्था (NGO) द्वारा “नारी शक्ति वंदन अधिनियम समर्थन पदयात्रा” और “टाउन हॉल ऑफ वूमेन” का आयोजन किया जाएगा।

इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, अधिकार और राजनीति में 33% आरक्षण के महत्व को लेकर व्यापक जनजागरूकता फैलाना है। आयोजकों का मानना है कि महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करना एक सशक्त और समावेशी समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:00 बजे होटल ध्रुव, सर्कुलर रोड, शिमला में “टाउन हॉल ऑफ वूमेन” से होगी। इस टाउन हॉल में महिलाओं के सशक्तिकरण, नेतृत्व और 33% आरक्षण विधेयक पर एक संवादात्मक चर्चा आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की विशेषज्ञ महिलाएं अपने अनुभव साझा करेंगी।

इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं, मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. पूर्णिमा चौहान (पूर्व सचिव, हिमाचल सरकार एवं पूर्व निदेशक HIPA) महिलाओं के नेतृत्व, प्रशासनिक अनुभव और नीति निर्माण में उनकी भूमिका पर अपने विचार रखेंगी।

इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में अन्य प्रमुख वक्ताओं में पुनीता भारद्वाज, मीनाक्षी पॉल, वंदना भगरा और रेनू बलजीज़ शामिल होंगी। ये सभी विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका, चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से चर्चा करेंगी।

इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को अपने विचार रखने, अनुभव साझा करने और नीति-निर्माण में अपनी भागीदारी को मजबूत करने का मंच मिलेगा।

इसके बाद दोपहर 2:00 बजे “नारी शक्ति वंदन अधिनियम समर्थन पदयात्रा” होटल ध्रुव से सी.टी.ओ. शिमला तक निकाली जाएगी। इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता भाग लेंगे।

यह पदयात्रा “नारी शक्ति का सम्मान, नव भारत की पहचान” के संदेश के साथ आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक मजबूत करना तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना है।

डेज़ी ठाकुर ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, लेकिन उन्हें नीति निर्माण और नेतृत्व में समान अवसर मिलना अभी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार और सम्मान के लिए एक व्यापक जनआंदोलन की शुरुआत है।

उन्होंने सभी महिलाओं, युवाओं और नागरिकों से इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब समाज के सभी वर्ग मिलकर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्य करेंगे, तभी एक सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होगा।

कुल मिलाकर, शिमला में आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होंगे, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में प्रेरणादायक भूमिका निभाएंगे।