शंभूवाला में मजदूर मौत पर हाईवे जाम, प्रदर्शन

rakesh nandan

18/04/2026

हिमाचल प्रदेश के शंभूवाला स्थित एक निजी कंपनी में कामगार की संदिग्ध मौत के बाद मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। इस घटना के विरोध में कंपनी के अन्य कामगारों और मृतक के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। घटना के बाद से ही कामगारों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। आरोप लगाया जा रहा है कि कंपनी प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ, जिसके चलते एक श्रमिक की जान चली गई।

कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप

प्रदर्शन कर रहे कामगारों और परिजनों का कहना है कि कंपनी में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। उनका आरोप है कि कामगारों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही थी, जिसका नतीजा इस दर्दनाक घटना के रूप में सामने आया। मृतक के परिजनों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा उपायों पर ध्यान दिया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

कंपनी के बाहर शुरू हुआ प्रदर्शन

घटना के बाद आज सुबह से ही बड़ी संख्या में कामगार कंपनी के बाहर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। कामगारों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

हाईवे पर चक्का जाम

प्रदर्शन के दौरान जब उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो आक्रोशित कामगारों ने कालाअंबपांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। हाईवे पर चक्का जाम होने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे आम लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुलिस और प्रशासन मौके पर

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

न्याय की मांग पर अड़े कामगार

प्रदर्शन कर रहे कामगारों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनकी मुख्य मांगों में मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कंपनी में सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना शामिल है।

श्रमिक सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंपनियां सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें, तो इस प्रकार की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।