सराज में पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

rakesh nandan

23/05/2026

सराज क्षेत्र में पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, उपायुक्त ने चुनाव तैयारियों की भी समीक्षा की

Apurva Devgan ने शुक्रवार को सराज क्षेत्र के थुनाग उपमंडल स्थित लघु सचिवालय में आयोजित विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गत वर्ष बरसात के दौरान आई आपदा के बाद चल रहे पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न लाइन विभागों से पुनर्वास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की और अधिकारियों को लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विशेष रूप से लोक निर्माण विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क बहाली कार्यों में और तेजी लाई जाए। उपायुक्त ने कहा कि जिन सड़कों पर अभी भी अति संवेदनशील हिस्से मौजूद हैं, वहां मरम्मत कार्य आगामी मानसून से पहले हर हाल में पूरा किया जाए।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि सराज क्षेत्र में बरसात की आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुई लगभग 116 सड़कों को दोबारा बहाल किया जा चुका है। विभाग के अनुसार अब केवल सात से आठ सड़कों की बहाली का कार्य शेष बचा है।

इसके अतिरिक्त क्षेत्र में लगभग 25 पुलियों और कई पैदल पुलों को भी पुनः बहाल किया जा चुका है। कई स्थानों पर कल्वर्ट डालकर सड़क संपर्क बहाल करने का कार्य भी पूरा किया गया है।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने अधिकारियों को शेष सड़क बहाली कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि आगामी बरसात के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक के दौरान जलशक्ति विभाग द्वारा आपदा प्रभावित पेयजल योजनाओं की बहाली को लेकर किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई।

जलशक्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गत वर्ष बरसात के दौरान बुरी तरह प्रभावित हुई छड़ी खड्ड उठाऊ पेयजल योजना की बहाली का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

विभाग ने जानकारी दी कि बिजली बोर्ड द्वारा इस योजना के लिए विद्युत लाइन बिछाने का कार्य जारी है और टेस्टिंग पूरी होने के तुरंत बाद पेयजल योजना को दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।

उपायुक्त ने खंड विकास कार्यालय के तहत संचालित पुनर्वास कार्यों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को सभी लंबित कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी लाइन विभागों को आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारियां पूरी करने को कहा।

अपूर्व देवगन ने कहा कि किसी भी संभावित आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन और मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यक संसाधन पहले से तैयार रखे जाएं।

बैठक में पंचायत चुनावों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने को कहा।

उन्होंने लंबाथाच राजकीय महाविद्यालय में बनाए गए स्ट्रांग रूम का भी निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और चुनाव सामग्री की निगरानी को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान सड़कें, पुल और पेयजल योजनाएं सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। ऐसे में समय रहते पुनर्वास और सुरक्षा कार्य पूरा करना बेहद जरूरी होता है।

आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों के अनुसार संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से तैयारी होने पर नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

बैठक में उपमंडलाधिकारी (ना.) Sanjeet Sharma सहित खंड विकास अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग, हिमाचल पथ परिवहन निगम, वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने उपायुक्त को विभिन्न विकास और पुनर्वास परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी दी।

उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आपदा प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।

उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा ताकि पुनर्वास कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।

प्रशासन का मानना है कि पुनर्वास कार्यों के साथ-साथ चुनावी तैयारियों को भी पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ पूरा किया जाएगा ताकि क्षेत्र में सामान्य जनजीवन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया दोनों सुचारू रूप से चलती रहें।