हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के रिकांग पिओ में महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय वित्तीय फंडिंग एवं उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला उद्योग केंद्र किन्नौर द्वारा होटल क्लब सिल्क रूट में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक गुरू लाल नेगी ने बताया कि इस आयोजन में कुल 75 महिला उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाओं, अनुदान और उद्यमिता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में महिलाओं को हथकरघा उद्योग और अन्य पारंपरिक व्यवसायों में नए प्रयोग और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार महिलाएं पारंपरिक कौशल को आधुनिक बाजार से जोड़कर अपनी आय बढ़ा सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
महाप्रबंधक गुरू लाल नेगी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे वे अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला उद्यमियों को सुरक्षा और स्थिरता के दृष्टिकोण से प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इससे महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने और उसे सफलतापूर्वक संचालित करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के महाप्रबंधक रोहित सांगवान ने भी भाग लिया। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कार्य कर रहे महिला स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की और उन्हें वित्तीय समावेशन के तहत सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता मिले, तो वे सफल उद्यमी बन सकती हैं और अपने क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान उद्योग विभाग के मास्टर ट्रेनर और अन्य अधिकारियों ने भी महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, बाजार से जुड़ने के तरीके और सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ उठाने के बारे में जानकारी दी।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। इस प्रकार के प्रयास न केवल महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारते हैं, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि रिकांग पिओ में आयोजित यह उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं को न केवल नई जानकारी और कौशल प्राप्त हुआ, बल्कि उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरणा भी मिली।