पैराफेंसिंग: अनिल को ब्रॉन्ज, सुविधाओं की मांग तेज

rakesh nandan

22/04/2026

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित पैराफेंसिंग प्रतियोगिता में हिमाचल के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। Anil ने तलवारबाजी स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने यह उपलब्धि कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास के बल पर हासिल की है।

मीडिया से बातचीत करते हुए Anil ने बताया कि उन्होंने Sports Authority of India के गांधीनगर, गुजरात केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में देशभर के लगभग 18 राज्यों से खिलाड़ी भाग लेने पहुंचे थे, जिससे मुकाबला काफी कड़ा रहा।

अनिल ने कहा कि इस उपलब्धि के बाद उनका लक्ष्य और बड़ा हो गया है और अब वह एशियन गेम्स के लिए तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि उन्हें बेहतर सुविधाएं और निरंतर समर्थन मिलता रहा, तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

हालांकि, उन्होंने हिमाचल प्रदेश में खेल सुविधाओं की कमी को लेकर चिंता भी जताई। उनका कहना है कि प्रदेश में प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से अपील की कि राज्य में भी आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े।

Anil ने यह भी मांग की कि राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि दी जानी चाहिए। उनके अनुसार, इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होते हैं।

वहीं महिला वर्ग में Savita Negi ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर में टॉप-8 में अपनी जगह बनाई है। यह उपलब्धि उनके समर्पण और संघर्ष का परिणाम है।

Savita Negi ने बताया कि क्षेत्र में अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो कई और प्रतिभाएं सामने आ सकती हैं।

उन्होंने प्रदेश सरकार से खिलाड़ियों के लिए विशेष योजनाएं और सुविधाएं बढ़ाने की मांग की। उनके अनुसार, यदि खिलाड़ियों को सही दिशा और संसाधन मिलें, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पैराफेंसिंग जैसे खेलों में खिलाड़ियों की उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों और सुविधाओं का अभाव उनके विकास में बाधा बन सकता है। ऐसे में सरकार और खेल संस्थाओं को मिलकर इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि हिमाचल के इन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और लगन से राज्य का नाम रोशन किया है। अब जरूरत है कि उन्हें बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिले, ताकि वे भविष्य में और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकें।