नेरचौक और रिवालसर में नामांकन जांच पूरी, 58 प्रत्याशियों के पर्चे वैध
हिमाचल प्रदेश के नेरचौक नगर परिषद और रिवालसर नगर पंचायत में वार्ड सदस्यों के चुनावों के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया सोमवार को शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। इस प्रक्रिया के बाद चुनावी तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है और अब सभी की नजर नाम वापसी की अंतिम तिथि पर टिकी है।
नेरचौक में 41 में से 40 नामांकन वैध
नगर परिषद नेरचौक में कुल 41 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। जांच के दौरान इनमें से 40 नामांकन पत्र पूरी तरह सही पाए गए, जबकि एक नामांकन पत्र को निरस्त कर दिया गया।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार निरस्त किया गया नामांकन पत्र डुप्लीकेट फॉर्म और अपूर्ण दस्तावेजों के कारण नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके चलते उसे अमान्य घोषित किया गया।
जांच प्रक्रिया संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारी की अध्यक्षता में निर्धारित स्थल पर की गई, जहां प्रत्येक नामांकन पत्र और उससे जुड़े दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण किया गया।
रिवालसर में सभी 19 नामांकन सही
वहीं नगर पंचायत रिवालसर में चुनावी प्रक्रिया और भी सरल रही। यहां कुल 19 नामांकन पत्र प्राप्त हुए थे और जांच के दौरान सभी नामांकन पत्र सही पाए गए।
इसका मतलब है कि रिवालसर में सभी प्रत्याशी चुनाव मैदान में बने रहेंगे और यहां सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा।
शांतिपूर्ण और पारदर्शी रही प्रक्रिया
दोनों क्षेत्रों में नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी नियमों का पालन किया जाए और किसी भी प्रकार की त्रुटि को नजरअंदाज न किया जाए।
इस दौरान सभी दस्तावेजों की विस्तार से जांच की गई, जिससे चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।
6 मई तक नाम वापसी का अवसर
निर्वाचन अधिकारियों ने जानकारी दी है कि प्रत्याशियों के पास अभी भी 6 मई 2026 को दोपहर 3 बजे तक नामांकन वापस लेने का अवसर है।
इसके बाद चुनाव मैदान में बचे हुए उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे और अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
अब मुकाबले की तस्वीर होगी साफ
नामांकन जांच पूरी होने के बाद अब चुनावी मुकाबले की तस्वीर लगभग स्पष्ट हो चुकी है। हालांकि नाम वापसी के बाद ही अंतिम स्थिति सामने आएगी कि किस वार्ड में कितने प्रत्याशी मैदान में रहेंगे।
इसके बाद चुनाव प्रचार और रणनीति का दौर तेज हो जाएगा।
स्थानीय चुनावों का बढ़ता महत्व
नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव स्थानीय स्तर पर विकास और प्रशासनिक फैसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इन चुनावों के जरिए चुने गए प्रतिनिधि सीधे जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं।
इसलिए इन चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता रहती है।