हमीरपुर जिले में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर “मेरा युवा भारत (MY Bharat)” के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर युवाओं और स्वयंसेवकों ने मिलकर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का आयोजन डीसी कार्यालय परिसर में किया गया, जहां स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमा की स्वयंसेवकों द्वारा साफ-सफाई की गई। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस पहल ने न केवल सम्मान प्रकट किया, बल्कि स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया।
इस कार्यक्रम में हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समाज को समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय का जो मार्ग दिखाया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
विधायक ने कहा कि एक सशक्त और समावेशी भारत का निर्माण तभी संभव है, जब हम उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को प्राथमिकता दें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान जिला युवा अधिकारी दीपमाला ठाकुर ने जानकारी दी कि MY Bharat के स्वयंसेवकों द्वारा जिले के सभी ब्लॉकों में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को डॉ. अंबेडकर के जीवन और उनके योगदान के बारे में जागरूक किया गया।
स्वयंसेवकों ने प्रतिमाओं की साफ-सफाई के साथ-साथ समूह चर्चा के माध्यम से बाबा साहेब के विचारों पर मंथन किया। उन्होंने यह संकल्प लिया कि वे उनके आदर्शों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों, अधिकारियों और युवाओं ने एकजुट होकर शपथ ली कि वे बाबा साहेब के दिखाए मार्ग पर चलेंगे और समाज में शिक्षा, समानता और भाईचारे को बढ़ावा देंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे उन्हें अपने समाज और देश के प्रति जिम्मेदारियों का एहसास होता है और वे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं।
इस कार्यक्रम ने यह भी संदेश दिया कि केवल जयंती मनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके विचारों को जीवन में उतारना भी उतना ही आवश्यक है।
कुल मिलाकर, हमीरपुर में आयोजित यह कार्यक्रम बाबा साहेब के प्रति सम्मान और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का एक प्रेरणादायक प्रयास रहा, जिसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे और भी सफल बना दिया।