जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि मंडी जिला में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा सभी नामांकन पत्रों की विस्तार से जांच की गई, जिसमें कुल 54 नामांकन पत्र विभिन्न कारणों से रद्द किए गए हैं। वहीं 14565 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र सही पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पंचायत चुनावों के तहत जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत प्रधान, उपप्रधान तथा वार्ड सदस्य पदों के लिए कुल 4768 पदों पर चुनाव होने हैं। इन पदों के लिए कुल 14619 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच के बाद अधिकांश उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए हैं, जिससे चुनावी मुकाबला काफी रोचक होने की संभावना है।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने जानकारी दी कि नामांकन पत्रों की जांच के बाद सही पाए गए उम्मीदवार 14 और 15 मई को सुबह 11 बजे से सायं 3 बजे तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद नाम वापसी की प्रक्रिया पूर्ण होने पर 15 मई को सायं 3 बजे के पश्चात उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आबंटित किए जाएंगे। चुनाव चिन्ह मिलने के बाद सभी प्रत्याशी आधिकारिक रूप से चुनाव मैदान में उतर जाएंगे और प्रचार अभियान तेज हो जाएगा।
जिला परिषद सदस्य चुनाव की बात करें तो 36 वार्ड सदस्य पदों के लिए कुल 210 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। जांच के दौरान लोअर रिवालसर वार्ड से एक नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया। इसके अतिरिक्त चार उम्मीदवारों ने एक ही पद के लिए दो-दो नामांकन पत्र दाखिल किए थे। दोनों नामांकन सही पाए जाने पर चुनाव नियमों के अनुसार प्रत्येक उम्मीदवार का एक-एक अतिरिक्त नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। इस प्रकार जिला परिषद सदस्य पद के लिए कुल 205 उम्मीदवारों के नामांकन सही पाए गए हैं।
पंचायत समिति चुनाव में भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार मैदान में हैं। मंडी जिला की 14 पंचायत समितियों के 267 सदस्य पदों के लिए कुल 1175 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। जांच प्रक्रिया के दौरान 6 नामांकन पत्र रद्द किए गए, जबकि 1169 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए हैं। पंचायत समिति स्तर पर कई सीटों पर मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है।
ग्राम पंचायत प्रधान पद के लिए भी चुनावी गतिविधियां तेज हैं। जिले की 577 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए कुल 3008 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। इनमें से जांच के बाद 2995 नामांकन सही पाए गए जबकि 13 नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए। प्रधान पद के लिए इस बार कई पंचायतों में सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत उपप्रधान पद के लिए 577 पदों पर कुल 2973 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। जांच में 2964 नामांकन वैध पाए गए जबकि 9 नामांकन पत्र रद्द किए गए हैं। कई पंचायतों में उपप्रधान पद के लिए भी उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है।
वार्ड सदस्य चुनाव में सबसे अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य के 3311 पदों के लिए कुल 7253 नामांकन पत्र प्राप्त हुए थे। इनमें से 7232 नामांकन पत्र सही पाए गए जबकि 21 नामांकन पत्र रद्द किए गए हैं। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के चुनाव मैदान में उतरने से पंचायत स्तर पर चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है।
जिला प्रशासन ने सभी चुनावी प्रक्रियाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। निर्वाचन विभाग द्वारा उम्मीदवारों और आम जनता को चुनाव आचार संहिता का पालन करने की अपील भी की गई है। प्रशासन का कहना है कि शांतिपूर्ण और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
मंडी जिला में पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। नाम वापसी की अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी। इसके बाद उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार अभियान को और तेज करेंगे।