मंडी जिला में पंचायती राज चुनावों को लेकर नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त Apoorv Devgan ने जानकारी देते हुए बताया कि अब जिला में विभिन्न पदों के लिए कुल 10,391 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं।
उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव के लिए कुल 14,562 वैध प्रत्याशी थे, जिनमें से 2,845 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए। वहीं 1,326 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। प्रशासन ने सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए हैं, जिसके बाद अब उम्मीदवार अपने चुनाव चिन्ह के साथ प्रचार अभियान चला सकेंगे।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान जिला भर में कुल 14,614 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच प्रक्रिया के दौरान इनमें से 52 नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए थे। इसके बाद 14,562 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए।
नाम वापसी की प्रक्रिया में विभिन्न पदों के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए। जिला परिषद सदस्य पद के लिए 22 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया, जबकि पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 137 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए।
इसी प्रकार प्रधान पद के लिए 689 उम्मीदवारों ने नाम वापसी की, जबकि उपप्रधान पद से 786 प्रत्याशी चुनावी मैदान से हट गए। वार्ड सदस्य पद पर सबसे अधिक 1,211 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस लिए।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार निर्विरोध निर्वाचित प्रत्याशियों में पंचायत समिति सदस्य पद के 4 उम्मीदवार शामिल हैं। इसके अलावा प्रधान पद के 9, उपप्रधान पद के 12 और वार्ड सदस्य पद के 1,301 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अब चुनाव मैदान में बचे सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए हैं। इसके बाद उम्मीदवार अब आधिकारिक रूप से अपने चुनाव चिन्ह के साथ प्रचार कर सकेंगे।
मंडी जिला में पंचायती राज चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन के अनुसार मतदान 26 मई, 28 मई और 30 मई को करवाया जाएगा। सभी चरणों में मतदान सुबह 7 बजे से अपराह्न 3 बजे तक होगा।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सभी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को आदर्श आचार संहिता का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यक्ति चुनावी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पंचायती राज चुनाव को लेकर मंडी जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। उम्मीदवार गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं और विकास कार्यों को लेकर अपने वादे जनता के सामने रख रहे हैं।
सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दे चुनाव प्रचार के प्रमुख विषय बने हुए हैं। कई पंचायतों और वार्डों में मुकाबला बेहद रोचक होने की संभावना जताई जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव को लेकर लोगों में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय मतदाता उम्मीदवारों के कार्य, अनुभव और विकास योजनाओं को ध्यान में रखते हुए अपना समर्थन तय कर रहे हैं।
प्रशासन ने मतदाताओं से भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना प्रशासन और जनता दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
मंडी जिला में अब चुनाव प्रचार और अधिक तेज होने की संभावना है। विभिन्न उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान को गति दे रहे हैं और चुनावी समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे हैं।