मंडी में नशे के खिलाफ सख्ती, 122 मामलों में 178 आरोपी गिरफ्तार
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में नशे के खिलाफ अभियान को और तेज करने के लिए जिला स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (NCORD) समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अपूर्व देवगन ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नशे के खिलाफ सख्त और समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के साथ-साथ इसकी मांग को खत्म करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों—पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और एसटीएफ—के साथ बेहतर तालमेल बनाकर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
24 रेड जोन पंचायतों पर विशेष फोकस
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले की 24 रेड जोन पंचायतों में नशे की रोकथाम के लिए एक सप्ताह के भीतर ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। इस रणनीति में प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी तय होगी, ताकि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि यह पहल नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
भांग और पोस्त की खेती पर कड़ी नजर
वर्तमान मौसम को देखते हुए उपायुक्त ने वन विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी भूमि पर उगाई जा रही भांग की जानकारी तो मिल जाती है, लेकिन वन भूमि पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वन भूमि पर भांग या पोस्त की अवैध खेती पाई जाती है, तो तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और ऐसे पौधों को नष्ट किया जाए। इसके अलावा, NDPS Act के तहत आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए गए।
स्कूलों के आसपास निगरानी बढ़ाने के निर्देश
उपायुक्त ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्थित दुकानों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए, ताकि नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसे मामले सामने नहीं आए हैं, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही ‘अपना विद्यालय’ कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों का नियमित दौरा करें और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें।
आंकड़े: 122 मामले, 178 आरोपी गिरफ्तार
बैठक में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक जिले में NDPS Act के तहत कुल 122 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 178 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इन मामलों में शामिल हैं:
- अफीम के 2 मामले
- हेरोइन के 38 मामले
- चरस के 69 मामले
- प्रतिबंधित दवाओं के 6 मामले
- पोस्त और भांग की अवैध खेती के 7 मामले
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रशासन नशे के खिलाफ लगातार सक्रिय है।
सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने कहा कि यदि किसी को शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिलती है, तो वह एसपी, एएसपी, डीएसपी या एसएचओ को सूचना दे सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में रोहित राठौर, हरीश शर्मा, डॉ दिनेश ठाकुर, दिनेश कुमार और समीर सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।