किन्नौर में पहली बार ‘बर्ड फेस्टिवल’ 8 से 10 मई

rakesh nandan

04/05/2026

Kinnaur district में पहली बार प्रकृति और जैव विविधता को समर्पित एक विशेष आयोजन ‘किन्नौर बर्ड फेस्टिवल’ का आयोजन 8 से 10 मई तक किया जाएगा। यह आयोजन कल्पा कंडे के ‘गोली’ नामक स्थान पर होगा और क्षेत्र की समृद्ध प्राकृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

यह फेस्टिवल अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों Global Big Day और Himalayan Bird Count के साथ समन्वित रहेगा, जिससे इसे वैश्विक पहचान भी मिलेगी। इस दौरान विभिन्न पक्षी प्रजातियों के अवलोकन और गणना जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध कराएंगी।

उपायुक्त Dr. Amit Kumar Sharma ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किन्नौर और हिमालयी क्षेत्र की अद्वितीय जैव विविधता को उजागर करना है। इसके साथ ही स्थानीय समुदाय और प्रकृति के बीच संबंधों को मजबूत करना भी इस फेस्टिवल का प्रमुख लक्ष्य है।

उन्होंने बताया कि यह आयोजन संरक्षण और सतत विकास के सिद्धांतों पर आधारित होगा। खासतौर पर ‘स्लो टूरिज्म’ को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पर्यावरण, स्थानीय संस्कृति और पारिस्थितिकी तंत्र पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। इस पहल के माध्यम से क्षेत्र में जिम्मेदार पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

फेस्टिवल के दौरान युवाओं के सशक्तिकरण और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अंतर्गत 20 चयनित प्रतिभागियों को ‘नेचर गाइड प्रशिक्षण कार्यशाला’ के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे वे स्थानीय स्तर पर जैव विविधता के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।

इसके अलावा 30 विद्यार्थियों को इंटरैक्टिव शिक्षण सत्रों में शामिल किया जाएगा, जहां उन्हें प्रकृति, पक्षियों और पर्यावरण संरक्षण के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। यह पहल युवाओं में प्रकृति के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ाने में मददगार साबित होगी।

इस आयोजन में हिमाचल प्रदेश भर से शोधकर्ता, लेखक और प्रकृति विशेषज्ञ भाग लेंगे। वे विभिन्न सत्रों, कार्यशालाओं और फील्ड गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेंगे। इससे प्रतिभागियों को न केवल सैद्धांतिक बल्कि व्यवहारिक ज्ञान भी प्राप्त होगा।

फेस्टिवल के दौरान किन्नौर की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और पारंपरिक लोक कलाओं को मंच प्रदान किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा सके।

इस आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन किन्नौर, Himachal Pradesh Tourism Department, वन विभाग और Nature Conservation Foundation सहित अन्य संस्थाओं का सहयोग रहेगा। इसके अलावा एयूएम किन्नौर जैसी स्थानीय संस्थाएं भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि यह फेस्टिवल किन्नौर में संरक्षण, समुदाय और संस्कृति के समन्वय का एक सशक्त उदाहरण बनेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल भविष्य में क्षेत्र को एक प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

कुल मिलाकर, ‘किन्नौर बर्ड फेस्टिवल’ न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और पर्यटन के नए अवसर भी पैदा करेगा। यह आयोजन हिमालयी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक अनूठा अवसर साबित होगा।