वेतन न मिलने पर HRTC कर्मचारियों ने दी हड़ताल की चेतावनी

rakesh nandan

23/05/2026

समय पर वेतन न मिलने पर HRTC कर्मचारियों ने दी कार्य बंद करने की चेतावनी

हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों में वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। नाहन में मीडिया से बातचीत करते हुए एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन के अध्यक्ष Dharmendra ने प्रबंधन पर कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है और हर महीने प्रदर्शन करने के बाद ही प्रबंधन जागता है। कर्मचारियों का आरोप है कि नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के बजाय प्रबंधन केवल विरोध प्रदर्शन के बाद ही कार्रवाई करता है।

धर्मेंद्र ने कहा कि यदि इस बार भी निर्धारित समय तक कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं किया गया तो यूनियन कड़ा कदम उठाने को मजबूर होगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 1 मई को शाम 5 बजे तक कर्मचारियों के खाते में वेतन नहीं पहुंचता, तो रात 12 बजे से सभी कार्य बंद कर दिए जाएंगे।

यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और अन्य वित्तीय लाभ भी लंबे समय से लंबित पड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर वेतन और वित्तीय लाभ न मिलने के कारण कर्मचारियों के लिए परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।

धर्मेंद्र ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है। उन्होंने बताया कि कई कर्मचारी समय पर वेतन न मिलने के कारण कर्ज और आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि HRTC कर्मचारी लगातार कठिन परिस्थितियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पर्वतीय और दूरदराज क्षेत्रों में यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।

यूनियन के अनुसार वेतन में देरी का असर कर्मचारियों के परिवारों पर भी पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें और अन्य आर्थिक जिम्मेदारियां निभाना कर्मचारियों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

धर्मेंद्र ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से प्रबंधन और सरकार से नियमित वेतन भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जा सकता है।

परिवहन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि HRTC प्रदेश की जीवनरेखा मानी जाती है, विशेष रूप से ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में जहां निजी परिवहन की सुविधा सीमित है।

ऐसे में यदि कर्मचारियों द्वारा कार्य बंद किया जाता है तो इसका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ सकता है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए कर्मचारियों का मनोबल और आर्थिक सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। नियमित वेतन भुगतान किसी भी संस्था के लिए बुनियादी आवश्यकता मानी जाती है।

HRTC लंबे समय से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। परिवहन निगम पर वित्तीय दबाव, बढ़ते संचालन खर्च और अन्य प्रशासनिक चुनौतियों का असर कर्मचारियों पर भी दिखाई दे रहा है।

हालांकि कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वित्तीय समस्याओं का बोझ कर्मचारियों पर नहीं डाला जाना चाहिए।

यूनियन ने मांग की है कि सरकार और प्रबंधन जल्द स्थायी समाधान निकालें ताकि कर्मचारियों को हर महीने समय पर वेतन मिल सके।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे आम जनता को भी असुविधा होती है।

धर्मेंद्र ने स्पष्ट किया कि यूनियन कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर आगे की रणनीति भी तय की जाएगी।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस मुद्दे को गंभीरता से देखा जा रहा है, क्योंकि सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति में व्यापक असर पड़ सकता है।

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि HRTC प्रबंधन और सरकार कर्मचारियों की मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं और वेतन भुगतान को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।