हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य सुरक्षा योजना हिमकेयर के अंतर्गत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार अत्री ने बताया कि हिमकेयर योजना के तहत नया कार्ड पंजीकरण और कार्ड नवीनीकरण की प्रक्रिया 1 जून से 30 जून 2026 तक जारी रहेगी। इस अवधि के दौरान पात्र लाभार्थी नया कार्ड बनवा सकते हैं तथा पुराने कार्ड का नवीनीकरण भी करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि हिमकेयर कार्ड की वैधता एक वर्ष के लिए होती है।
डॉ. अत्री ने कहा कि सरकार ने हिमकेयर कार्ड के नए पंजीकरण के लिए वर्ष में केवल चार निर्धारित अवधि तय की हैं। अब नया पंजीकरण केवल मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर महीने में ही किया जाएगा। इसलिए जो पात्र परिवार अभी तक योजना से नहीं जुड़े हैं, उन्हें इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।
हिमकेयर योजना के तहत लाभार्थी पंजीकृत सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने पर पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ विशेष सेवाओं के लिए पंजीकृत निजी अस्पतालों में भी सुविधा उपलब्ध है। विशेष रूप से डायलिसिस मरीजों को निजी अस्पतालों में भी योजना का लाभ दिया जाता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि हिमकेयर कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह सरल और ऑनलाइन है। लाभार्थी लोकमित्र केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), साइबर कैफे या स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर और संबंधित श्रेणी का प्रमाण पत्र आवश्यक होता है।
योजना के लिए आवेदन करने हेतु लाभार्थी Himcare Portal पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन के दौरान निर्धारित प्रीमियम का भुगतान भी करना होगा।
डॉ. अत्री ने बताया कि हिमकेयर योजना के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग प्रीमियम निर्धारित किए गए हैं।
पहली श्रेणी में बीपीएल परिवार, मनरेगा श्रमिक और पंजीकृत रेहड़ी-फेरी वाले शामिल हैं। इन लाभार्थियों को कोई प्रीमियम नहीं देना होगा और वे निशुल्क हिमकेयर कार्ड बनवा सकते हैं।
दूसरी श्रेणी में एकल नारी, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग व्यक्ति, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, संविदा कर्मचारी, अंशकालिक कर्मचारी तथा आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं। इस श्रेणी के लाभार्थियों को 365 रुपये का वार्षिक प्रीमियम जमा करना होगा।
तीसरी श्रेणी में वे सभी परिवार आते हैं जो पहली और दूसरी श्रेणी में शामिल नहीं हैं तथा सरकारी कर्मचारी, पेंशनर या उनके आश्रित भी नहीं हैं। ऐसे लाभार्थियों को 1000 रुपये का वार्षिक प्रीमियम जमा करना होगा।
इसके अतिरिक्त लोकमित्र केंद्र अथवा कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से नामांकन और दस्तावेज अपलोड करवाने पर 50 रुपये का अतिरिक्त सेवा शुल्क भी देय होगा।
हिमकेयर योजना के तहत सामान्य और गंभीर दोनों प्रकार की अनेक बीमारियों को शामिल किया गया है। इस योजना के माध्यम से लाभार्थियों को महंगे उपचार के दौरान आर्थिक सहायता मिलती है। योजना के तहत प्रदेश के पंजीकृत सरकारी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के बाहर भी कुछ संस्थानों में हिमकेयर कार्ड मान्य है। लाभार्थी इस कार्ड के माध्यम से PGIMER Chandigarh और AIIMS Bilaspur में भी मुफ्त उपचार का लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की कि वे समय रहते अपना हिमकेयर कार्ड बनवा लें या नवीनीकरण करवा लें। उन्होंने कहा कि बीमारी और आपात स्थिति पहले से सूचना देकर नहीं आती, इसलिए स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए हिमकेयर कार्ड बेहद उपयोगी है। समय पर कार्ड नहीं बनवाने की स्थिति में जरूरत पड़ने पर लोगों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
डॉ. अत्री ने कहा कि हिमकेयर योजना प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है और इसका उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।