हिमाचल प्रदेश के राज्य स्तरीय हरोली उत्सव-2026 के तीसरे दिन का मुख्य आकर्षण डॉग शो रहा, जिसने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 50 एनिमल लवर्स ने अपने प्रशिक्षित कुत्तों के साथ भाग लिया और विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस बार डॉग शो को “बैसाखी संग लोक रंग” थीम के तहत आयोजित किया गया, जिससे पूरे आयोजन में उत्सव और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। रंग-बिरंगे माहौल में विभिन्न नस्लों के कुत्तों ने अपने करतबों और अनुशासन से दर्शकों का दिल जीत लिया।
इस कार्यक्रम में स्थानीय प्रतिभागियों के साथ-साथ दूर-दराज क्षेत्रों से भी लोग अपने पालतू कुत्तों के साथ पहुंचे। शो में बुल टेरियर, पाकिस्तानी बुली, ग्रे-हाउंड, जर्मन शेफर्ड, गोल्डन रिट्रीवर, अमेरिकन बुल, डोबरमैन, शिहत्जू, टॉय पॉम और डैशहंड जैसी कई प्रसिद्ध नस्लों के कुत्तों ने हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता के दौरान निर्णायक मंडल ने कुत्तों का मूल्यांकन उनके करतब, आज्ञाकारिता, स्वास्थ्य, फिटनेस, व्यवहार और प्रस्तुति के आधार पर किया। इस शो में वेटरनरी पॉलीक्लिनिक ललड़ी की सर्जन डॉ. शिल्पा सहित डॉ. परमेश डोगरा और डॉ. गोपाल ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल मनोरंजन प्रदान करते हैं, बल्कि पशु प्रेम और उनकी देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रतियोगिता के परिणाम:
बड़ी नस्ल श्रेणी में लालसिंगी के गगन के “सारा” नामक कुत्ते ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि “जैड” को दूसरा स्थान मिला। सुनेहड़ा के आंशु राणा का कुत्ता “सिकंदर” तीसरे स्थान पर रहा।
मध्यम नस्ल श्रेणी में सलोह के विकास शर्मा के कुत्ते “कोको” को प्रथम स्थान मिला। माजरा के अमन का “जार्ली” दूसरे स्थान पर रहा, जबकि मैहतपुर के लक्ष्य का “गोकू” तीसरे स्थान पर रहा।
छोटी नस्ल श्रेणी में श्वेता के स्पेनियल नस्ल के “परी” को प्रथम स्थान मिला। पंडोगा के बलविंदर सिंह के “कैंडी” को दूसरा और पेट्स हब ऊना के “मैक्स” को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
इसके अलावा उत्सव में आयोजित रस्साकस्सी प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही। पुरुष वर्ग में वेट्स ऊना की टीम विजेता रही, जबकि विद्युत विभाग की टीम उपविजेता बनी।
डॉग शो ने यह साबित कर दिया कि हरोली उत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विविध गतिविधियों का एक जीवंत मंच है, जहां मनोरंजन, प्रतियोगिता और जागरूकता का समागम देखने को मिलता है।
इस तरह के आयोजनों से लोगों में पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है और पालतू जानवरों की देखभाल के प्रति जागरूकता भी विकसित होती है।
कुल मिलाकर, हरोली उत्सव का डॉग शो न केवल प्रतिभागियों के लिए एक मंच साबित हुआ, बल्कि दर्शकों के लिए भी एक यादगार अनुभव बन गया, जिसने पूरे आयोजन में उत्साह और आनंद का संचार किया।
