हिमाचल प्रदेश में हाल ही में नियुक्त किए गए हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम लिमिटेड के अध्यक्ष Harbhajan Singh (भज्जी) ने 24 अप्रैल 2026 को शिमला में मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात औपचारिक थी, लेकिन इसके साथ ही राज्य के हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण संकेत भी देती है।
इस अवसर पर हरभजन सिंह भज्जी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उन्हें राज्य के एक महत्वपूर्ण निगम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है और वह इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा कला को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश अपने समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कला के लिए जाना जाता है। यहां के हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान रखते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र को मजबूत करने और कारीगरों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए निगम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
भज्जी ने कहा कि वह इस क्षेत्र में नई संभावनाओं की तलाश करेंगे और आधुनिक तकनीकों तथा मार्केटिंग रणनीतियों का उपयोग कर स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उनका उद्देश्य है कि राज्य के कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए और उनकी कला को उचित मंच मिले।
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने भी इस अवसर पर भज्जी को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में निगम नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब राज्य में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कारीगरों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हरभजन सिंह जैसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय व्यक्तित्व के इस क्षेत्र से जुड़ने से न केवल इस क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी, बल्कि युवाओं में भी पारंपरिक कला के प्रति रुचि बढ़ेगी। इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम लिमिटेड की स्थापना का उद्देश्य राज्य के कारीगरों को एक मंच प्रदान करना और उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना है। इस निगम के माध्यम से कारीगरों को प्रशिक्षण, डिज़ाइन विकास, कच्चा माल और विपणन सहायता प्रदान की जाती है।
अंततः, यह कहा जा सकता है कि भज्जी की यह शिष्टाचार मुलाकात केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि राज्य के हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके नेतृत्व में यह क्षेत्र किस प्रकार नई ऊंचाइयों को छूता है।