हमीरपुर में महिलाओं का 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न

rakesh nandan

22/05/2026

हमीरपुर में महिलाओं के लिए 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न

मट्टनसिद्ध स्थित पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर में महिलाओं के लिए आयोजित 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण शिविर में लगभग 25 महिलाओं ने भाग लेकर स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण शिविर के दौरान महिलाओं को पेपर कवर, फाइल, लिफाफे तथा अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार करने की तकनीक सिखाई गई। शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना रहा।

समापन समारोह के अवसर पर आरसेटी के निदेशक अजय कुमार कतना ने प्रतिभागी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं स्वयं का कारोबार शुरू कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में स्वरोजगार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।

अजय कुमार कतना ने कहा कि आरसेटी संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने बताया कि संस्थान के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को अपना छोटा उद्योग या कारोबार स्थापित करने में भी सहायता प्रदान की जाती है।

उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं प्रशिक्षण के बाद अपना व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं तो विभिन्न बैंकों से ऋण प्राप्त करने में आरसेटी उनकी सहायता कर सकता है। इसके साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा चलाई जा रही ऋण एवं सब्सिडी योजनाओं की जानकारी भी महिलाओं को उपलब्ध करवाई जाती है।

आरसेटी निदेशक ने महिलाओं से अपील की कि वे प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों का उपयोग कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर पर शुरू किया गया व्यवसाय भविष्य में बड़े स्वरोजगार अवसरों का रूप ले सकता है।

प्रशिक्षण शिविर के दौरान महिलाओं को केवल उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण ही नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें विपणन, वित्तीय प्रबंधन और स्वरोजगार से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने और उसे सफलतापूर्वक संचालित करने के बारे में भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में प्रशिक्षण शिविर के मूल्यांकनकर्ता संसार चंद और हरबंस लाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों के कार्य का मूल्यांकन करते हुए महिलाओं के उत्साह और सीखने की इच्छा की सराहना की।

वित्तीय साक्षरता सलाहकार जीसी भट्टी ने महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, बचत, ऋण योजनाओं और वित्तीय प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के क्षेत्र में सफल होने के लिए वित्तीय जागरूकता भी बेहद जरूरी है।

आरसेटी के फैकल्टी सदस्य संजय हरनोट और अन्य अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण शिविर के दौरान महिलाओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने प्रतिभागियों को व्यवसाय शुरू करने में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में जानकारी दी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनती हैं बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में भी योगदान देती हैं।

आरसेटी द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना और बेरोजगारी कम करना है। संस्थान समय-समय पर सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, कंप्यूटर प्रशिक्षण, हस्तशिल्प और अन्य व्यवसायिक क्षेत्रों से जुड़े प्रशिक्षण शिविर आयोजित करता रहता है।

प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाली महिलाओं ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि उन्हें इससे नई कौशल सीखने का अवसर मिला है। कई प्रतिभागियों ने भविष्य में स्वयं का छोटा व्यवसाय शुरू करने की इच्छा भी व्यक्त की।

समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। संस्थान की ओर से उम्मीद जताई गई कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं भविष्य में स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनेंगी और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।