बिलासपुर में 24 और 31 मई को विशेष एचपीवी टीकाकरण कैंप, अभिभावकों से बेटियों का टीकाकरण करवाने की अपील
जिला बिलासपुर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सर्विकल कैंसर से बचाव के लिए विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आगामी 24 और 31 मई को विशेष टीकाकरण कैंप आयोजित किए जाएंगे। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी बेटियों को सर्विकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए समय पर एचपीवी टीकाकरण अवश्य करवाएं।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह विशेष अभियान 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के लिए संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एचपीवी वायरस महिलाओं में सर्विकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है और समय पर लगाया गया टीका इस बीमारी से प्रभावी सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत में सर्विकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर वर्ष देश में लगभग 1.2 से 1.3 लाख नए मामले सामने आते हैं, जबकि करीब 75 हजार से 80 हजार महिलाओं की मृत्यु इस बीमारी के कारण होती है। ऐसे में एचपीवी टीकाकरण भविष्य में इस गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला बिलासपुर में पात्र 2735 बालिकाओं में से अब तक 1020 बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। इस प्रकार जिले में अब तक लगभग 37 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज हासिल की गई है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के औसत से बेहतर है और बिलासपुर जिला अन्य कई जिलों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
राहुल कुमार ने जानकारी दी कि स्वास्थ्य खंडवार टीकाकरण के अनुसार मार्कंड क्षेत्र में 239, घुमारवीं में 307, झंडूता में 317 तथा श्री नैना देवी जी क्षेत्र में 157 बालिकाओं को 29 मार्च से 21 मई तक एचपीवी टीका लगाया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि एचपीवी का टीका लड़कियों को जीवनभर सर्विकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने में सहायक हो सकता है। इसलिए अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों को आगे आकर इस अभियान में सहयोग देना चाहिए। उन्होंने लोगों से टीके से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और अधिक से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने की अपील की।
उपायुक्त ने बताया कि टीकाकरण से संबंधित सभी विवरण यू-विन डिजिटल पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे। अभिभावक इस पोर्टल पर पंजीकरण कर अपॉइंटमेंट ले सकते हैं या सीधे अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर टीकाकरण करवा सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि टीकाकरण केंद्र पर बालिका का आयु प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। यह टीकाकरण पूर्णतः निःशुल्क और स्वैच्छिक है, लेकिन इसके लिए अभिभावकों की सहमति आवश्यक होगी।
राहुल कुमार ने कहा कि आज लिया गया यह छोटा निर्णय भविष्य में बेटियों को एक गंभीर बीमारी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों को इस अवसर से वंचित न रखें और समय पर टीकाकरण करवाएं।
जिला प्रशासन ने बताया कि बिलासपुर जिला में कुल 30 चिन्हित स्वास्थ्य संस्थानों में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा यह टीकाकरण किया जा रहा है। सरकार सभी पात्र बालिकाओं को यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध करवा रही है।
घुमारवीं स्वास्थ्य खंड के अंतर्गत सीएचसी भराड़ी, सिविल अस्पताल घुमारवीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरलोग और कुठेड़ा में टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। वहीं झंडूता स्वास्थ्य खंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तलाई, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेड़ी, गेहड़वीं, कलोल, मरोतन, पनौल और ऋषिकेश सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता तथा सिविल अस्पताल बरठीं में यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।
इसी प्रकार मार्कंड स्वास्थ्य खंड में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागी सुंगल, भजोन, छड़ोल, मलोखर, मंडी मनवां, नम्होल, राजपुरा, सिविल अस्पताल मार्कंड, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंजगाईं और मातृ-शिशु अस्पताल बिलासपुर में टीकाकरण किया जाएगा।
श्री नैना देवी जी स्वास्थ्य खंड के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेहल, भाखड़ा, स्वाहण, तरसूह, टोबा, सिविल अस्पताल घवांडल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वारघाट में भी एचपीवी टीकाकरण सुविधा उपलब्ध रहेगी।