हमीरपुर में नए मिनी सचिवालय निर्माण की तैयारी शुरू, विभिन्न विभागों से मांगी गई डिमांड
जिला मुख्यालय हमीरपुर में नए संयुक्त कार्यालय भवन यानी मिनी सचिवालय के निर्माण की दिशा में प्रशासन ने औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित भवन में आम जनता से जुड़े अधिकतम सरकारी विभागों को एक ही परिसर में स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है ताकि लोगों को विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर आसानी से उपलब्ध हो सकें।
इस संबंध में Gandharva Rathore ने शनिवार को हमीर भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में प्रस्तावित संयुक्त कार्यालय भवन की रूपरेखा, विभागों की आवश्यकताओं और भवन निर्माण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि वर्तमान जिला सचिवालय परिसर और उससे जुड़े विभिन्न पुराने भवनों के स्थान पर एक आधुनिक संयुक्त कार्यालय भवन विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नए मिनी सचिवालय के अलग-अलग ब्लॉकों में आम जनता से संबंधित अधिक से अधिक विभागों के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे ताकि लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना न पड़े।
प्रशासन का उद्देश्य एक ऐसा केंद्रीकृत प्रशासनिक परिसर तैयार करना है जहां नागरिकों को राजस्व, सामाजिक न्याय, पंचायत, विकास, पुलिस, शिक्षा और अन्य विभागों की सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकें।
उपायुक्त ने जानकारी दी कि वर्तमान में उपायुक्त कार्यालय परिसर तथा आसपास के भवनों में संचालित विभागों के अलावा शहर में अन्य स्थानों पर किराये के भवनों या अलग-अलग कार्यालयों में चल रहे विभागों को भी नए मिनी सचिवालय में स्थान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे प्रशासनिक कार्यों में समन्वय बेहतर होगा और आम जनता को भी सुविधा मिलेगी।
बैठक के दौरान सभी विभागों से उनकी आवश्यकता के अनुसार कार्यालय स्थान, कर्मचारियों की संख्या और अन्य सुविधाओं का पूरा ब्यौरा मांगा गया।
उपायुक्त ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों के कर्मचारियों की संख्या और नए भवन में आवश्यक स्थान की विस्तृत जानकारी दो से तीन दिन के भीतर जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाएं।
प्रशासन का मानना है कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भवन की योजना तैयार की जाएगी ताकि लंबे समय तक विभागों को पर्याप्त स्थान और सुविधाएं मिल सकें।
विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक मिनी सचिवालय प्रणाली प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने में मदद करती है।
एक ही परिसर में विभिन्न विभागों के कार्यालय होने से न केवल समय की बचत होती है बल्कि नागरिकों को भी दस्तावेजी और प्रशासनिक कार्यों के लिए कम परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शहरी विकास विशेषज्ञों का कहना है कि जिला स्तर पर आधुनिक संयुक्त कार्यालय भवन बनने से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होती है और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में भी सहायता मिलती है।
बैठक में सुरक्षा, पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाओं और कर्मचारियों के कार्यस्थल से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई।
प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित करने की योजना बनाई जा रही है कि नए भवन में नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित भवन में आधुनिक बैठक कक्ष, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, पर्याप्त पार्किंग, प्रतीक्षालय, सार्वजनिक सहायता केंद्र और अन्य सुविधाएं भी विकसित की जा सकती हैं।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने अधिकारियों से कहा कि भवन की योजना इस प्रकार तैयार की जाए कि भविष्य में विभागों के विस्तार की स्थिति में भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहे।
बैठक में Balveer Singh, Abhishek Garg, Chirag Sharma सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने अपने विभागों की जरूरतों और संभावित व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव भी दिए।
प्रशासन का मानना है कि नया मिनी सचिवालय बनने से सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और लोगों को अधिक सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती आबादी और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए आधुनिक संयुक्त कार्यालय भवन समय की मांग बन चुके हैं।
इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर संचालित विभागों को एक परिसर में लाने से प्रशासनिक खर्चों में भी कमी आ सकती है।
प्रशासन द्वारा अब विभागों से प्राप्त मांगों और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
लोगों को उम्मीद है कि नया मिनी सचिवालय बनने से प्रशासनिक सेवाएं अधिक पारदर्शी, तेज और सुगम होंगी तथा आम जनता को सरकारी कार्यों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।