हमीरपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान 30 मई तक

rakesh nandan

21/05/2026

हमीरपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान 30 मई तक, अभिभावकों से अपील

जिला हमीरपुर में 14-15 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों को सर्विकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा एचपीवी वैक्सीन का मुफ्त टीकाकरण अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने बताया कि यह विशेष टीकाकरण अभियान 30 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों और स्कूल प्रशासन से अपील की है कि अभी तक टीकाकरण से वंचित लड़कियों का टीकाकरण जल्द से जल्द सुनिश्चित करवाया जाए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिला हमीरपुर में इस अभियान के तहत लगभग 2,967 लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि अभी तक केवल 1,228 लड़कियों ने ही यह टीका लगवाया है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 41 प्रतिशत है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभियान की समाप्ति में अब 10 दिन से भी कम समय शेष है और बड़ी संख्या में लड़कियां अभी भी टीकाकरण से वंचित हैं।

डॉ. अजय अत्री ने कहा कि जो लड़कियां इस अभियान के दौरान टीकाकरण से छूट जाएंगी, उन्हें भविष्य में यह टीका मुफ्त में लगवाने का अवसर मिलना कठिन हो सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि पात्र आयु वर्ग की सभी लड़कियां समय रहते इस वैक्सीन का लाभ उठाएं।

उन्होंने बताया कि एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस महिलाओं में होने वाले सर्विकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। यह कैंसर महिलाओं में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर एचपीवी वैक्सीन लगाने से भविष्य में सर्विकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह टीका सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है तथा इसे विशेषज्ञों की निगरानी में लगाया जा रहा है। सरकार द्वारा यह टीकाकरण अभियान पूरी तरह मुफ्त चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लड़कियां इसका लाभ उठा सकें।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे किसी भी भ्रांति या अफवाह पर ध्यान न दें और अपनी बेटियों का टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि कई बार जागरूकता की कमी के कारण लोग टीकाकरण से पीछे रह जाते हैं, जबकि यह भविष्य में गंभीर बीमारी से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम है।

डॉ. अजय अत्री ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर जागरूकता फैलाकर अधिक से अधिक छात्राओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे 14-15 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं और उनके अभिभावकों को इस अभियान के महत्व के बारे में जानकारी दें।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से टीकाकरण अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अभियान से छूटी हुई लड़कियों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित करें।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए तो भविष्य में महिलाओं में सर्विकल कैंसर के मामलों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यही कारण है कि सरकार इस अभियान को प्राथमिकता के साथ चला रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी संक्रमण के खिलाफ शुरुआती उम्र में टीकाकरण अधिक प्रभावी माना जाता है। इसलिए 14-15 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों को इस अभियान के तहत प्राथमिकता दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि यह केवल एक टीकाकरण अभियान नहीं बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी पात्र लड़कियों और उनके परिवारों से अपील की कि वे 30 मई से पहले अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्कूल में जाकर टीकाकरण अवश्य करवाएं और इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें।