शिमला में 246 करोड़ की यूटिलिटी डक्ट परियोजना की आधारशिला

rakesh nandan

08/06/2026

शिमला के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम, 246 करोड़ रुपये की भूमिगत यूटिलिटी डक्ट परियोजना का शिलान्यास

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को शिमला में 246 करोड़ रुपये लागत की महत्वाकांक्षी भूमिगत यूटिलिटी डक्ट परियोजना की आधारशिला रखी। इस परियोजना का उद्देश्य राजधानी शिमला की उपयोगिता अवसंरचना को आधुनिक बनाना, शहर के सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देना तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसे शिमला के दीर्घकालिक शहरी विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

इस परियोजना के तहत शहर के प्रमुख क्षेत्रों में एकीकृत भूमिगत यूटिलिटी डक्ट नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा। परियोजना में छोटा शिमला-विली पार्क-चौड़ा मैदान, लोक भवन-ओक ओवर तथा शेर-ए-पंजाब-सीटीओ चौक वाया लोअर बाजार मार्गों को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में बिजली, दूरसंचार और अन्य आवश्यक उपयोगिता सेवाओं के लिए भूमिगत नेटवर्क विकसित किया जाएगा।

परियोजना पूरी होने के बाद विभिन्न उपयोगिता सेवाओं की स्थापना, संचालन और रखरखाव अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। इसके साथ ही बार-बार सड़कों की खुदाई की आवश्यकता भी कम होगी, जिससे आम जनता को होने वाली असुविधा में कमी आएगी। वर्तमान में किसी भी उपयोगिता सेवा के रखरखाव या नई लाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोदना पड़ता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और सड़कें भी क्षतिग्रस्त होती हैं। भूमिगत यूटिलिटी डक्ट प्रणाली इन समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान करेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक, सतत और नागरिक-केंद्रित शहरी अवसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से न केवल सेवाओं की आपूर्ति बेहतर होगी बल्कि रखरखाव कार्यों के दौरान होने वाली बाधाएं भी कम होंगी। इससे शिमला अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित होगा।

मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को शिमला के कायाकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि राजधानी में ओवरहेड बिजली और दूरसंचार तारों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत किया जा रहा है। इससे शहर की प्राकृतिक सुंदरता और विरासत स्वरूप को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी। साथ ही स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को भी बेहतर दृश्य अनुभव प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि शिमला देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। ऐसे में शहर की सौंदर्यात्मक पहचान बनाए रखना और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। भूमिगत यूटिलिटी डक्ट परियोजना से न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत होगा बल्कि पर्यटन क्षेत्र को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि परियोजना विशेष रूप से प्रतिकूल मौसम और भारी हिमपात के दौरान उपयोगी साबित होगी। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और खराब मौसम के कारण अक्सर बिजली और दूरसंचार सेवाएं प्रभावित होती हैं। भूमिगत नेटवर्क के माध्यम से इन सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी और आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में भी सेवा बाधित होने की संभावना कम होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार भूमिगत यूटिलिटी डक्ट प्रणाली आधुनिक शहरी नियोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे विभिन्न विभागों की उपयोगिता लाइनों को एक ही संरचना में व्यवस्थित किया जा सकता है, जिससे रखरखाव कार्य तेज और आसान हो जाते हैं। साथ ही शहर के सौंदर्यीकरण और यातायात प्रबंधन में भी सुधार आता है।

इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षदगण, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट तथा जिला प्रशासन और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने परियोजना को शिमला के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।

246 करोड़ रुपये की यह परियोजना राजधानी शिमला की आधारभूत संरचना को नई दिशा देने वाली पहल मानी जा रही है। इसके माध्यम से आधुनिक शहरी सेवाओं का विस्तार, शहर के सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित होगा। आने वाले वर्षों में यह परियोजना शिमला को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।