पंचायत चुनाव ड्यूटी कर्मचारियों के मतदान मुद्दे पर भाजपा का हमला

rakesh nandan

16/05/2026

भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी एवं पूर्व सचिव Pyar Singh Kanwar ने पंचायत चुनावों में चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के मतदान से वंचित होने के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार और प्रशासन को घेरते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए प्रशासनिक विफलता का बड़ा उदाहरण करार दिया।

प्यार सिंह कंवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश की 3758 पंचायतों, जिला परिषद के 251 वार्डों और पंचायत समिति के 1769 वार्डों में चुनाव प्रक्रिया जारी है। इन चुनावों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए लगभग 13 हजार सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

उन्होंने कहा कि विडंबना यह है कि जो कर्मचारी और अधिकारी चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वही अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। भाजपा नेता ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बताया।

प्यार सिंह कंवर के अनुसार पंचायत चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा लगभग 1300 पोलिंग पार्टियां बनाई गई हैं। प्रत्येक पोलिंग पार्टी में करीब 6 अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसके बावजूद चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के मतदान के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव ड्यूटी सर्टिफिकेट (EDC) जारी नहीं किए गए और कई कर्मचारियों की ड्यूटी उनके मतदान क्षेत्रों से बाहर लगा दी गई। इसके कारण हजारों कर्मचारी अपने मताधिकार का उपयोग करने से वंचित हो रहे हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि पंचायत चुनावों में कई बार जीत और हार का अंतर केवल एक या दो वोट का होता है। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में कर्मचारी मतदान नहीं कर पाते हैं तो इससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी पूरा दिन मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने में व्यस्त रहेंगे, लेकिन स्वयं अपने संवैधानिक अधिकार का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इससे कर्मचारी वर्ग में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

प्यार सिंह कंवर ने कांग्रेस सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों को टालने का प्रयास किया गया और अब चुनाव प्रक्रिया में लगे कर्मचारियों को मतदान से वंचित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों की ड्यूटी उनके अपने ब्लॉक या नजदीकी क्षेत्रों में लगाई जाती तो वे आसानी से मतदान कर सकते थे। लेकिन सरकार और प्रशासन ने इस दिशा में कोई गंभीर पहल नहीं की।

भाजपा नेता ने राज्य चुनाव आयोग से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के मतदान के लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि किसी भी कर्मचारी का लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का मतदान अधिकार बेहद महत्वपूर्ण होता है और सरकारी कर्मचारियों को इससे वंचित नहीं किया जाना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले कर्मचारियों को मतदान का अवसर उपलब्ध करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

प्यार सिंह कंवर ने कहा कि प्रदेश का कर्मचारी वर्ग और आम जनता कांग्रेस सरकार की कार्यशैली को देख रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।

प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। विभिन्न राजनीतिक दल चुनावी प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसे में चुनाव ड्यूटी कर्मचारियों के मतदान का मुद्दा अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

भाजपा ने इस मुद्दे को लोकतंत्र और कर्मचारी अधिकारों से जुड़ा मामला बताते हुए सरकार से त्वरित समाधान की मांग की है। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।