बिलासपुर जिला परिषद के 14 नवनिर्वाचित सदस्यों ने ली शपथ, उपायुक्त ने नशा उन्मूलन में सहयोग का किया आह्वान
बिलासपुर जिला परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को जिला पंचायत संसाधन केंद्र भवन के प्रशिक्षण हॉल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने सभी 14 नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
शपथ ग्रहण समारोह लोकतांत्रिक व्यवस्था और पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शपथ लेने के बाद सभी सदस्य आधिकारिक रूप से अपने-अपने वार्डों का प्रतिनिधित्व करने और जिला परिषद की विकास गतिविधियों में भाग लेने के लिए अधिकृत हो गए।
शपथ ग्रहण करने वाले सदस्यों में वार्ड नंबर-01 घंडालवीं से जमना देवी, वार्ड नंबर-02 गाहर से रक्षा कुमारी, वार्ड नंबर-03 कुठेड़ा से निशु देवी, वार्ड नंबर-04 ननावां से प्रोमिला देवी और वार्ड नंबर-05 बड़गांव से नरेंद्र कुमार शामिल रहे। इसके अतिरिक्त वार्ड नंबर-06 रोहल से जरनैल सिंह, वार्ड नंबर-07 जेजवीं से आशा देवी, वार्ड नंबर-08 जांगला से देवांश चंदेल, वार्ड नंबर-09 बामटा से सपना कुमारी तथा वार्ड नंबर-10 बरमाणा से अशोक कुमार ने भी शपथ ग्रहण की।
इसी प्रकार वार्ड नंबर-11 नम्होल से सुरभि ठाकुर, वार्ड नंबर-12 जुखाला से लेख राम, वार्ड नंबर-13 स्वाहण से रतन चंद तथा वार्ड नंबर-14 कोटखास से तरसेम सिंह ने जिला परिषद सदस्य के रूप में शपथ ली। सभी सदस्यों ने संविधान के प्रति निष्ठा और जनहित में कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता ने उन पर विश्वास व्यक्त किया है और अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे मतदाताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों के विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए कार्य करना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं और इनके माध्यम से सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने सभी निर्वाचित सदस्यों से आग्रह किया कि वे विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें।
राहुल कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा जब पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।
अपने संबोधन में उपायुक्त ने नशा उन्मूलन के विषय पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से प्रशासन के साथ मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने और समाज को इस बुराई से मुक्त करने में सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा समाज और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है तथा इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधि लोगों के सबसे निकट होते हैं और वे नशा उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर कार्य करें तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
उपायुक्त ने यह भी बताया कि जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए शीघ्र ही तिथि घोषित की जाएगी। इसके बाद जिला परिषद का नियमित कार्य पूर्ण रूप से प्रारंभ हो जाएगा और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर परिषद सक्रिय भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, जिला पंचायत अधिकारी यश पाल तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने नवनिर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं दीं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
यह शपथ ग्रहण समारोह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों को विकास, सुशासन और जनसेवा की नई जिम्मेदारियां सौंपने का महत्वपूर्ण अवसर भी रहा। अब जिले के लोगों को उम्मीद है कि नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्य अपने क्षेत्रों के विकास, जनसमस्याओं के समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।