बिलासपुर में पंचायत चुनाव तैयारियां तेज, मतदान कर्मियों की रिहर्सल जारी
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा है कि पंचायतीराज संस्थाओं के आगामी चुनावों को लेकर जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां तीव्र गति से जारी हैं। प्रशासन चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न करवाने के लिए पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि चुनाव चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मतपत्र लेखन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को लगभग 15 लाख मतपत्र प्राप्त हुए हैं, जिन्हें संबंधित सहायक निर्वाचन अधिकारियों के बीच समान रूप से वितरित कर दिया गया है ताकि समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे किए जा सकें।
उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या से बचने के लिए सामान्यतः कुल मतपत्रों में 10 से 15 प्रतिशत अतिरिक्त मतपत्र भी रखे जाते हैं। इन अतिरिक्त मतपत्रों का उपयोग प्रिंटिंग, लेखन अथवा टाइपिंग संबंधी त्रुटि की स्थिति में किया जाता है। प्रशासन का लक्ष्य है कि 23 मई तक मतपत्र लेखन की पूरी प्रक्रिया समाप्त कर ली जाए।
राहुल कुमार ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित और सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए जिला के चारों उपमंडलों में मतदान कर्मियों की रिहर्सल लगातार आयोजित की जा रही है। इन रिहर्सल कार्यक्रमों में मतदान दलों को मतदान प्रक्रिया, मतपत्रों के प्रबंधन, मतदान केंद्र संचालन तथा अन्य चुनावी कार्यों के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को आयोजित किए जाएंगे। चुनावों के लिए मतदान दलों को मतदान से दो दिन पूर्व संबंधित मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया जाएगा ताकि वे समय पर पहुंचकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर सकें।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने विकास खंड बिलासपुर सदर में 50 बैलेट पेपर के अनुपलब्ध (मिसिंग) होने के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उपायुक्त ने कहा कि इस मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ) को हटा दिया है।
इसके अलावा मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) भी दर्ज करवाई गई है। उपायुक्त ने बताया कि संबंधित अधिकारी के निलंबन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को अनुशंसा भी भेज दी गई है।
राहुल कुमार ने कहा कि चुनावी टीमें पूरी सतर्कता के साथ मतपत्र लेखन का कार्य कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ मतपत्र प्रिंटिंग, लेखन अथवा टाइपिंग संबंधी तकनीकी त्रुटियों के कारण खराब हो सकते हैं और ऐसे मतपत्रों को नियमानुसार अमान्य घोषित कर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि सभी मतदाता स्वतंत्र और निष्पक्ष वातावरण में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की निगरानी, मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण तथा मतपत्र प्रबंधन जैसे सभी पहलुओं पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
राहुल कुमार ने जिला के नागरिकों से भी शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है और प्रशासन सभी को निष्पक्ष एवं सुरक्षित चुनावी वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।