बिलासपुर में 50 गुम मतपत्र अमान्य घोषित

rakesh nandan

23/05/2026

बिलासपुर में पंचायत चुनाव के दौरान गुम हुए 50 मतपत्र अमान्य घोषित

जिला बिलासपुर की ग्राम पंचायत बामटा में पंचायत चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रधान पद से संबंधित 50 मतपत्र गुम होने का मामला सामने आने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने संबंधित मतपत्रों को तत्काल प्रभाव से निरस्त एवं अमान्य घोषित कर दिया है। संभावित दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

यह आदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त Anil Kumar Khachi की ओर से जारी किया गया।

प्रधान पद के मतपत्र हुए थे लापता

इस मामले की जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त Rahul Kumar ने बताया कि ग्राम पंचायत बामटा के वार्ड नंबर-01 जंगल सुंगल में प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के नाम मतपत्रों पर अंकित करने की प्रक्रिया चल रही थी।

इसी दौरान मतपत्र क्रमांक 58001 से 58050 तक के 50 मतपत्र लापता पाए गए। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर तुरंत कार्रवाई शुरू की गई और इसकी विस्तृत रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी गई।

सहायक रिटर्निंग अधिकारी की निगरानी में चल रही थी प्रक्रिया

उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि मतपत्रों पर प्रत्याशियों के नाम अंकित करने की प्रक्रिया सहायक रिटर्निंग अधिकारी के रूप में कार्यरत डॉ. दिनेश कुमार की निगरानी में की जा रही थी। डॉ. दिनेश कुमार राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रिटर्निंग अधिकारी एवं विकासखंड बिलासपुर सदर के खंड विकास अधिकारी द्वारा तत्काल प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

आयोग ने मतपत्रों को किया अमान्य

राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि गुम हुए मतपत्रों के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 तथा हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 160 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन सभी मतपत्रों को अमान्य घोषित किया गया है।

आयोग के अनुसार यदि ये मतपत्र भविष्य में कहीं भी उपयोग में लाने की कोशिश की जाती है, तो उन्हें वैध नहीं माना जाएगा।

किसी मतपेटी में मिलने पर तुरंत सूचना देने के निर्देश

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि यदि उक्त मतपत्र राज्य के किसी भी हिस्से में प्राप्त होते हैं या किसी मतपेटी में पाए जाते हैं, तो इसकी तत्काल सूचना आयोग को दी जाए।

आयोग ने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।

चुनाव प्रक्रिया पर प्रशासन की सतर्क नजर

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाने के लिए सभी स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है। मतपत्रों की सुरक्षा और चुनाव सामग्री के रखरखाव को लेकर अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पंचायत चुनावों को लेकर प्रशासन अलर्ट

जिले में आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनजर प्रशासन पहले से ही सतर्क है। मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन ने चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को भी चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस जांच जारी

मामले में पुलिस द्वारा जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग ने चुनाव सामग्री के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।