अभाविप के ‘स्मृति 2026’ में जुटे 600 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्ता

rakesh nandan

08/06/2026

अभाविप के ‘स्मृति 2026’ कार्यक्रम में 600 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान, संगठन की गौरवशाली यात्रा को किया याद

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मेलन के अंतर्गत विशेष कार्यक्रम “स्मृति 2026” का आयोजन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सभागार में गरिमामय और प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 600 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर संगठन की गौरवशाली यात्रा को स्मरण किया तथा अपने अनुभवों के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रेरित किया।

यह कार्यक्रम वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मान देने, संगठन की वैचारिक एवं संगठनात्मक यात्रा का पुनर्स्मरण करने तथा वर्तमान कार्यकर्ताओं को संगठन की परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान संगठन से जुड़े विभिन्न कालखंडों के कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए और विद्यार्थी परिषद के विकास में अपने योगदान की स्मृतियों को उपस्थित जनसमूह के साथ बांटा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल एक छात्र संगठन नहीं है, बल्कि राष्ट्र पुनर्निर्माण का एक व्यापक और सशक्त अभियान है। उन्होंने कहा कि संगठन की वर्तमान उपलब्धियों के पीछे कई पीढ़ियों के कार्यकर्ताओं का त्याग, समर्पण और निरंतर परिश्रम निहित है।

सुनील अंबेकर ने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसके कार्यकर्ताओं में होती है। विद्यार्थी परिषद की विशेषता यह है कि यहां कार्यकर्ता केवल संगठनात्मक दायित्व नहीं निभाता, बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी पूरी निष्ठा के साथ निभाता है। उन्होंने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को संगठन की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने संगठन की कार्यकर्ता परंपरा, वैचारिक प्रतिबद्धता और संगठनात्मक निरंतरता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद की सबसे बड़ी ताकत उसकी कार्यकर्ता-आधारित कार्यशैली है। संगठन में कार्यकर्ता कभी पूर्व नहीं होता, बल्कि जीवनभर संगठन परिवार का अभिन्न हिस्सा बना रहता है।

उन्होंने कहा कि परिषद ने वर्षों से छात्र हित, शिक्षा सुधार, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। यही कारण है कि संगठन के साथ जुड़े कार्यकर्ता अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफल होने के बावजूद संगठन से भावनात्मक रूप से जुड़े रहते हैं।

“स्मृति 2026” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मानित करना था, जिन्होंने विभिन्न समयों में संगठन को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अपने छात्र जीवन, संगठनात्मक संघर्षों, आंदोलनों और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े अनुभव साझा किए। इन अनुभवों ने उपस्थित युवाओं को संगठन की कार्यसंस्कृति और मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम में संगठन की ऐतिहासिक यात्रा, विभिन्न उपलब्धियों और समाज जीवन में उसके योगदान पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने हमेशा राष्ट्रहित और छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है तथा युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए निरंतर कार्य किया है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। लंबे समय बाद एक मंच पर एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने संगठन से जुड़ी पुरानी स्मृतियों को साझा किया और वर्तमान कार्यकर्ताओं को संगठन के मूल उद्देश्यों के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान भावनात्मक और प्रेरणादायक वातावरण देखने को मिला। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के अनुभवों और संघर्षों की कहानियों ने युवा कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक गंभीरता से निभाने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर संगठन की विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों को भी रेखांकित किया गया।

“स्मृति 2026” केवल एक सम्मान समारोह नहीं रहा, बल्कि यह संगठन की विरासत, वैचारिक यात्रा और कार्यकर्ता परंपरा का जीवंत उत्सव बनकर सामने आया। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि संगठन की मजबूती उसके समर्पित कार्यकर्ताओं और उनकी निरंतर सक्रियता पर आधारित होती है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और उनके अनुभवों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया तथा नई पीढ़ी को संगठन के आदर्शों के प्रति प्रेरित किया।