VC नियुक्ति विवाद पर युवा कांग्रेस की बड़ी जीत

rakesh nandan

03/12/2025

हिमाचल प्रदेश के कृषि, बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालयों में वाइस–चांसलर नियुक्तियों में पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रियाओं को लेकर युवा कांग्रेस द्वारा चलाया गया वर्षभर का संघर्ष आखिरकार निर्णायक सफलता में बदल गया है। युवा कांग्रेस ने शुरू से ही कहा था कि Dr. YS Parmar University of Horticulture & Forestry, Nauni में VC नियुक्ति प्रक्रिया विश्वविद्यालय अधिनियम—1986 और ICAR के मानकों के अनुरूप नहीं की गई थी।

युवा कांग्रेस ने यह तथ्य भी सामने रखा कि पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में वाइस–चांसलर नियुक्ति प्रक्रिया को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय पहले ही “अवैध” घोषित कर चुका है, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि नौणी विश्वविद्यालय की नियुक्ति प्रक्रिया भी समान रूप से त्रुटिपूर्ण थी। इसी आधार पर संगठन ने लगातार नियुक्तियों की संवैधानिक वैधता पर प्रश्न उठाए।

बीते एक वर्ष में युवा कांग्रेस ने इस मामले को लेकर प्रेस वार्ताएं, धरना–प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और राजभवन घेराव जैसे कई चरणबद्ध कार्यक्रम चलाए। संगठन के राज्य अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर और महासचिव डॉ. रंजीत सिंह वर्मा ने छात्रों, शोधार्थियों और युवाओं को इस अभियान से जोड़कर इस मुद्दे को प्रदेशव्यापी जनचर्चा का विषय बना दिया। उनकी मांग थी कि जब तक अधिनियम में स्पष्ट संशोधन नहीं होता, तब तक किसी भी VC नियुक्ति या विस्तार को मान्य नहीं माना जाना चाहिए।

आज युवा कांग्रेस के इस संघर्ष को औपचारिक मान्यता तब मिली, जब हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने Himachal Pradesh Universities of Agriculture, Horticulture and Forestry (Amendment) Act पारित कर दिया। इस संशोधन में वाइस–चांसलर नियुक्ति प्रक्रिया को राज्य सरकार की “aid and advice” पर निर्भर करने का प्रावधान स्पष्ट रूप से जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त अधिनियम की धारा 2, 23, 24 में संशोधन और नई धारा 55-A जोड़कर भविष्य में नियुक्तियों को पूर्णतः नियमबद्ध और पारदर्शी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया गया है।

यह संशोधन 1 दिसंबर 2025 को गजट में प्रकाशित होकर लागू हो चुका है, जिससे युवा कांग्रेस द्वारा उठाए गए सभी तर्क संवैधानिक रूप से सही सिद्ध हुए हैं।

युवा कांग्रेस ने इसे केवल विधेयक पारित होने की जीत नहीं, बल्कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, छात्रों के भविष्य और उच्च शिक्षा की नैतिकता की जीत बताया है। संगठन ने कहा कि यह उन सभी युवाओं की जीत है जिन्होंने अवैध नियुक्तियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ साहसिक आवाज उठाई।

राज्य अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया कि उन्होंने छात्र हितों को समझते हुए इस विधेयक को पारित कराया। युवा कांग्रेस ने कहा कि आगे भी वह उच्च शिक्षा में पारदर्शिता, मेरिट आधारित नियुक्तियों और संवैधानिक प्रक्रियाओं की रक्षा के लिए इसी तरह संघर्षरत रहेगी।