हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने राजभवन घेराव के बाद पुलिस पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा डीजीपी व एसपी को किए गए फोन पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह कदम लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को अपराध की तरह प्रस्तुत करने की कोशिश दर्शाता है। छत्तर ठाकुर ने कहा कि युवाओं की मांगें लोकतांत्रिक हैं और संवैधानिक अधिकारों के तहत उठाई गई हैं। ऐसे में प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग करना न केवल अनुचित है, बल्कि लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
“बीजेपी के दागी नेताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं?”—युवा कांग्रेस का सवाल
छत्तर ठाकुर ने पूछा कि यदि राज्यपाल और जयराम ठाकुर को वास्तव में कानून-व्यवस्था की चिंता होती, तो उन्होंने अब तक बीजेपी के दागी और बलात्कार के गंभीर आरोपों से घिरे विधायकों पर तत्काल पुलिस कार्रवाई के लिए फोन क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि बीजेपी के विधायक हंसराज के खिलाफ शिकायतें और गंभीर आरोप होने के बावजूद कोई सख्त कदम न उठाना बताता है कि राज्यपाल और जयराम ठाकुर की प्राथमिकताएँ राजनीतिक हैं, न्यायिक नहीं।
“युवाओं को डराने का प्रयास विफल होगा”—छत्तर सिंह ठाकुर
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि डीजीपी और एसपी पर दबाव बनाकर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह रणनीति सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस न तो राजभवन के दबाव में आएगी, न पुलिस की धमकियों में। “हम लोकतंत्र, युवाओं के अधिकारों और वोट चोरी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे,” उन्होंने कहा।
महिलाओं के प्रति सरकार की संवेदनहीनता उजागर—युवा कांग्रेस
छत्तर ठाकुर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राज्यपाल और जयराम ठाकुर की चुप्पी बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि बलात्कार के गंभीर मामलों में कार्रवाई करने के बजाय युवा कांग्रेस के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर ध्यान देना बताता है कि सरकार और राजभवन किसके पक्ष में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की बहन-बेटियों को न्याय दिलाने के लिए युवा कांग्रेस लगातार आवाज़ उठाती रहेगी और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी।