मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डॉ. वाईएस परमार शिक्षा ऋण योजना शुरू की है। इस योजना के माध्यम से गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्र अब सिर्फ 1 प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
डुग्घा स्कूल के वार्षिक समारोह में बोले—अब सपनों पर नहीं लगेगी आर्थिक रुकावट
शुक्रवार को हाई स्कूल डुग्घा के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए बिट्टू ने कहा कि अब किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी को आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि— “मुख्यमंत्री का संकल्प है कि हर बच्चा उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा हासिल करे और उसके सपने कभी पैसों की कमी से न रुकें।”
नशे के खिलाफ राज्यव्यापी जंग — समाज की भागीदारी अनिवार्य
सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ एक बड़ी मुहिम छेड़ी है। सभी नागरिक, अभिभावक, शिक्षक और युवा मिलकर अपने-अपने इलाके को नशे से मुक्त बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि नशे का उन्मूलन सरकार की प्राथमिकता है और इसमें जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
संस्कारयुक्त शिक्षा पर विशेष जोर
उन्होंने कहा कि औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अच्छे संस्कार देना सबसे जरूरी है। “जब संस्कार मजबूत होंगे तभी बच्चे आदर्श नागरिक बनेंगे।”
स्कूल विकास के लिए घोषणाएँ
सुनील शर्मा बिट्टू ने विद्यालय में—
चारदिवारी निर्माण
शौचालय सुविधा
सोलर लाइटें लगाने
के लिए शीघ्र बजट उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देने वाले छात्रों के लिए ₹5100 की राशि भी घोषित की।
कार्यक्रम में उपस्थित
इस अवसर पर मुख्यध्यापक ओम प्रकाश शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेश आनंद, राकेश वर्मा, शशि मुहम्मद, स्वाहल स्कूल के मुख्यध्यापक संदीप डढवाल, सेवानिवृत्त मुख्यध्यापक प्रदीप ठाकुर, एसएमसी अध्यक्ष अंजू देवी, विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, अभिभावक और क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे।