हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए इसे “जन-कल्याण और विकास का संतुलित दस्तावेज” बताया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार ने सीमित संसाधनों में सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए एक समावेशी बजट पेश किया है।
छत्तर ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद किए जाने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ा है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ बजट तैयार किया है। उन्होंने बताया कि लगभग ₹54,928 करोड़ का बजट इस बात का प्रमाण है कि सरकार आर्थिक संकट के बावजूद विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाए रखने में सफल रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों द्वारा वेतन स्थगित करने के फैसले को एक साहसिक और अनुकरणीय कदम बताते हुए कहा कि यह सरकार की वित्तीय अनुशासन और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनके अनुसार, यह निर्णय बताता है कि सरकार खुद भी कठिन परिस्थितियों में त्याग और जिम्मेदारी निभाने को तैयार है।
युवाओं के मुद्दे पर बोलते हुए छत्तर ठाकुर ने कहा कि इस बजट में युवा शक्ति को केंद्र में रखा गया है। उन्होंने “खेलो हिमाचल – चिट्टा मुक्त अभियान” को एक ऐतिहासिक पहल बताया, जिसके माध्यम से युवाओं को खेलों से जोड़कर नशे से दूर रखने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रदेश में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि बजट में लगभग 500 कैंपस इंटरव्यू आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, हजारों युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने की योजना भी बनाई गई है। ई-टैक्सी और ई-रिक्शा पर 50 प्रतिशत सब्सिडी जैसी योजनाएं युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करेंगी।
सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण को लेकर भी उन्होंने बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिव्यांग पेंशन को ₹1700 से बढ़ाकर ₹3000 करना एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जो सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इसके अलावा गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता जैसी घोषणाएं सामाजिक न्याय को मजबूत करेंगी।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए छत्तर ठाकुर ने कहा कि बजट में किसानों और पशुपालकों के लिए किए गए प्रावधान ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रावधानों को भी उन्होंने सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को रोजगारपरक बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बजट में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास के लिए “हाफ-वे होम” स्थापित करने का निर्णय भी एक प्रगतिशील सोच को दर्शाता है।
इसके अलावा स्कूल और कॉलेजों में शिक्षकों और गैर-शिक्षकों की बड़े स्तर पर भर्तियां करने की घोषणा को उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने वाला कदम बताया।
अंत में छत्तर ठाकुर ने कहा कि सीमित संसाधनों और केंद्र सरकार की आर्थिक बाधाओं के बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह सिद्ध किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के साथ हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस इस बजट का पूर्ण समर्थन करती है और इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाएगी।