मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का विज़न है कि हिमाचल का कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रह जाए। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना शुरू की, जो अब हिमाचल के विद्यार्थियों के लिए एक मजबूत शिक्षा–सुरक्षा कवच बन चुकी है। इस योजना के तहत छात्रों को 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र 1 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह राशि ट्यूशन फीस, आवास, भोजन, लैब फीस, शोध एवं अन्य सभी शैक्षणिक आवश्यकताओं पर खर्च की जा सकती है। ऊना के उप निदेशक उच्च शिक्षा अनिल कुमार ने बताया कि शुरू में आय सीमा 4 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे हजारों नए छात्र लाभ लेने के पात्र हो गए हैं।
पात्रता
आवेदक हिमाचल का मूल निवासी हो
पिछली कक्षा में न्यूनतम 60% अंक
आयु सीमा 28 वर्ष
पाठ्यक्रम: मेडिकल, फार्मेसी, नर्सिंग, विधि, आईटीआई, पॉलीटेक्नीक, पीएचडी आदि
डिजिटल आवेदन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और दस्तावेज जमा होने के दो कार्य दिवसों के भीतर सत्यापन एवं मंजूरी मिल जाती है। यदि छात्र कॉर्पस फंड विकल्प चुनता है, तो पहली किस्त 24 घंटे के भीतर संबंधित संस्थान के खाते में भेज दी जाती है। डीसी जतिन लाल का कहना है कि जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के विज़न के अनुरूप इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने, प्रत्येक पात्र छात्र तक इसका लाभ समय पर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह योजना प्रदेश के युवाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता और शिक्षा समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।