ऊना में यशपाल जयंती समारोह: विचार गोष्ठी व कवि सम्मेलन

rakesh nandan

03/12/2025

भाषा एवं संस्कृति विभाग ने ऊना में मनाई यशपाल जयंती, दो सत्रों में हुआ विचार–विमर्श और कवि सम्मेलन

भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश के मूर्धन्य साहित्यकारों की जयंतियों का नियमित आयोजन किया जाता है, ताकि समाज को उनके साहित्यिक, वैचारिक और क्रांतिकारी योगदान से प्रेरणा मिलती रहे। इसी क्रम में सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी साहित्यकार यशपाल जी की जयंती का जिला ऊना में भव्य आयोजन बुधवार को लता मंगेशकर कला केंद्र में दो सत्रों में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रथम सत्र में यशपाल जी के जीवन पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद रविंद्र भारती विश्वविद्यालय, कोलकाता के इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. हितेंद्र पटेल ने “यशपाल की राजनीतिक दृष्टि” विषय पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। इस पर डॉ. हेमराज कौशिक और डॉ. ओ. पी. शर्मा ने विस्तार से चर्चा की। इस सत्र की अध्यक्षता हिमाचल के सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. सुशील कुमार फुल्ल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में आईआईटी निदेशक प्रो. मनीष गौर और यशपाल जी के सुपुत्र आनंद यशपाल उपस्थित रहे।


दूसरे सत्र में भव्य कवि सम्मेलन – 40 कवियों ने सुनाई रचनाएँ

दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेशभर से आए लगभग 40 कवियों ने अपनी उत्कृष्ट काव्य प्रस्तुति दी। इनमें प्रमुख रूप से —तपेश कुमार, विनोद कुमार, राकेश कुमार, सुमन बाला, त्रिलोक मेहरा, सरोज परमार, ईश्वर दास राही, अशोक कालिया, कृष्ण चंद्र महादेवीय, हरिप्रिया, रूपेश्वरी, रत्नचंद निर्झर, डॉ. प्रेमलाल गौतम, डॉ. शंकर वशिष्ठ, डॉ. अशोक गौतम, प्रो. रनजोत सिंह, ओजस्विनी सचदेवा, डॉ. सुशील पुंडीर, रामलाल पाठक, कल्पना रानी, डॉ. देव कला शर्मा, शांति कुमार स्याल, देशराज कमल, रामपाल शर्मा, ज्योति प्रकाश, डॉ. सत्येंद्र कुमार, लालचंद ठाकुर, कुलदीप शर्मा व अन्य शामिल रहे। इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. हेमराज कौशिक ने और संचालन डॉ. शंकर लाल वशिष्ठ ने किया।


छात्रों द्वारा यशपाल पर आधारित नाटिका का प्रदर्शन

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ऊना के छात्रों ने यशपाल जी के जीवन पर आधारित एक प्रभावी लघु नाटिका प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा।


शांति कुमार स्याल की पुस्तक का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान ऊना के वरिष्ठ साहित्यकार श्री शांति कुमार स्याल की पुस्तक “हिमाचल की जसवा–दून घाटी ऊना” का विमोचन भी किया गया।


छायाचित्र प्रदर्शनी और विभागीय प्रस्तुति

विभाग द्वारा यशपाल जी के जीवन और साहित्यिक यात्रा पर आधारित एक विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने कार्यक्रम का आकर्षण बढ़ाया।
मंच संचालन उपनिदेशक कुसुम ने किया।


उपस्थितियां

इस कार्यक्रम में —शिक्षा भारती बी.एड कॉलेज समूरकलां, जिला प्रशिक्षण संस्थान तथा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, ऊना — के छात्र-शिक्षक उपस्थित रहे। अंत में जिला भाषा अधिकारी निकू राम शर्मा ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, वक्ताओं और प्रदेशभर से आए साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सहायक आयुक्त वीरेन्द्र शर्मा, सहायक निदेशक सुरेश राणा, मोहन ठाकुर, सुनीला ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।