विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, हमीरपुर के कांफ्रेंस हाल में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने की।
उन्होंने प्रतिभागियों को मधुमेह के बढ़ते खतरे, कारणों और रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
देश में तेजी से बढ़ रहे मधुमेह के मामले
डॉ. प्रवीण चौधरी ने बताया कि मधुमेह भारत में एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है।
उन्होंने कहा कि—
बड़े बुजुर्गों से लेकर बच्चों में भी डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं
शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ना इंसुलिन हार्मोन की कमी या उसके सही उपयोग न होने के कारण होता है
अनियंत्रित ब्लड शुगर कई स्वास्थ्य जटिलताओं को जन्म दे सकता है
उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने और समय पर जांच एवं उपचार के महत्व को समझाने के लिए हर वर्ष यह दिवस मनाया जाता है।
डायबिटीज के प्रमुख जोखिम कारक
सीएमओ ने बताया कि मधुमेह के खतरे को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं—
मोटापा
हाइपरटेंशन
व्यायाम की कमी
अनहेल्दी डाइट
अत्यधिक तनाव
जेनेटिक फैक्टर
शराब का सेवन
पर्यावरणीय कारण
उन्होंने कहा कि जीवनशैली में बदलाव लाकर मधुमेह के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
हेल्दी लाइफ़स्टाइल ही है सबसे बड़ा उपाय
जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बीरबल वर्मा ने कार्यक्रम में कहा कि डायबिटीज से बचने के लिए—
फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल कर हेल्दी डाइट लें
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें
वजन नियंत्रित रखें
तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग करें
नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयां समय पर लें
उन्होंने कहा कि समय पर निदान से रोग को नियंत्रित करना आसान हो जाता है।
प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
कार्यक्रम में जिला कोऑर्डिनेटर नेहा कटोच सहित 40 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया और मधुमेह की रोकथाम, नियंत्रण और जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।