जिला कृषि विभाग के माध्यम से संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसान गेहूं की फसल का बीमा 15 जनवरी, 2026 तक करवा सकते हैं। यह जानकारी उपायुक्त राहुल कुमार ने दी। उपायुक्त ने बताया कि यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं कृषि जोखिमों से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। योजना के तहत बीजाई के समय यदि असामान्य मौसम के कारण फसल की बुआई न हो पाए अथवा नुकसान हो, तो किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि खड़ी फसल को सूखा, बाढ़, कीट एवं रोग प्रकोप, जलभराव जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई भी इस योजना में शामिल है। इसके अतिरिक्त, कटाई के दो सप्ताह के भीतर यदि गैर-मौसमी वर्षा, चक्रवात या चक्रवातीय वर्षा से फसल को क्षति होती है, तो भी बीमा सुरक्षा प्रदान की जाएगी। उपनिदेशक कृषि प्रेम चंद ठाकुर ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए कुल बीमित राशि 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। बीमा प्रीमियम 12 प्रतिशत की दर से 7,200 रुपये प्रति हेक्टेयर होगा, जिसमें किसान को केवल 1.5 प्रतिशत यानी 900 रुपये प्रति हेक्टेयर (72 रुपये प्रति बीघा) का भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि सरकार द्वारा अनुदान के रूप में वहन की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञों एवं कृषि बीमा कंपनी के ब्लॉक समन्वयकों से संपर्क कर सकते हैं।