स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की राष्ट्रवादी, सांस्कृतिक और समाजसेवी विचारधारा पर की गई एक कांग्रेसी नेता की विवादित, भ्रामक और अपमानजनक टिप्पणी पर गहरा रोष व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि आरएसएस देश की सबसे पुरानी, अनुशासित और राष्ट्रहित के लिए समर्पित संस्था है, जिसकी विचारधारा राष्ट्रवाद, संस्कृतिजन्य जीवन मूल्यों, सामाजिक समरसता और कर्तव्यनिष्ठ सेवा पर आधारित है। ऐसे संगठन पर बिना तथ्य और बिना आधार के राजनीतिक प्रेरित आरोप लगाना अज्ञानता का परिचायक होने के साथ-साथ समाज में भ्रम और तनाव फैलाने का प्रयास भी है।
गौरव कुमार ने कहा कि आरएसएस का योगदान—
प्राकृतिक आपदाओं में राहत एवं बचाव कार्य,
समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारा स्थापित करने के प्रयास,
युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रनिर्माण की भावना विकसित करना,
भारतीय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण—
इन सभी क्षेत्रों में अनुकरणीय और अद्वितीय रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसी राष्ट्रवादी संस्था पर गलत और अपमानजनक टिप्पणी करना उसकी विचारधारा पर सीधा प्रहार है, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ट्रस्ट अध्यक्ष ने कहा कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के नाते कांग्रेसी नेता को अपने शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए, लेकिन जिस स्तर की टिप्पणी की गई है वह निंदनीय, असंवेदनशील और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होती है।
स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट ने कांग्रेसी नेता के बयान का कड़े शब्दों में विरोध करते हुए मांग की है कि वह अपनी भ्रामक टिप्पणी पर तत्काल सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफी दें, ताकि भविष्य में समाज को बांटने वाली ऐसी गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी दोहराई न जाए।
ट्रस्ट ने इस बयान को राष्ट्रवादी संगठनों के सम्मान और समाज की सामूहिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कदम बताया है।