बिलासपुर में जिला स्तरीय दिव्यांग कार्यक्रम

rakesh nandan

03/12/2025

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से विश्व दिव्यांगता दिवस के उपलक्ष्य पर आज आशा किरण संस्थान, घुमारवीं के अंतर्गत गांव कोठी में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए, जबकि उपमंडलाधिकारी घुमारवीं गौरव चौधरी भी विशेष रूप से शामिल रहे।

“दिव्यांगता क्षमता को सीमित नहीं करती” — उपायुक्त

अपने संबोधन में उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगतिशीलता का निर्धारण इस बात से होता है कि वह अपने सभी नागरिकों को समान अवसर, सम्मान और संवेदनशीलता प्रदान करने में कितना सक्षम है। उन्होंने कहा—“दिव्यांगता किसी व्यक्ति की प्रतिभा या क्षमता को कम नहीं करती। उचित सहयोग, सहानुभूति और अवसर मिलने पर दिव्यांगजन समाज के लिए प्रेरणा बन सकते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि शारीरिक या मानसिक भिन्नता को कमजोरी के रूप में देखने की सोच को समाप्त करना आवश्यक है।

सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए किए जा रहे प्रयास

उपायुक्त ने बताया कि सरकार:

  • शिक्षा

  • कौशल विकास

  • पुनर्वास सेवाओं

  • सहायता उपकरण वितरण

जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने आशा जताई कि प्रशासन और संस्थान मिलकर दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों को और मजबूत करेंगे।

संस्थानों का प्रस्तुतीकरण और बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

कार्यक्रम में जिला की पांच दिव्यांगजन संस्थाओं —

  • नया सवेरा दिव्यांग शिक्षा संस्थान नसवाल

  • मुकंमिका दिव्यांग ट्रस्ट बरमाणा

  • आशा किरण दिव्यांग संस्थान कोठी

  • तथा अन्य प्रतिभागी संगठनों

ने अपने कार्यों, उपलब्धियों और सेवाओं का प्रदर्शन किया।

दिव्यांग बच्चों ने:

  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

  • कला प्रदर्शनियाँ

  • विभिन्न कौशल-आधारित गतिविधियाँ

प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से सभी को प्रभावित किया।

अतिथियों ने किया स्वागत

जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल और संस्थान प्रबंधक योगेंद्र मलिक ने मुख्य अतिथि का शॉल और टोपी पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर अमित कुमार (सचिव, रेड क्रॉस सोसायटी), तहसील कल्याण अधिकारी रमेश शर्मा, रेनबो हॉस्पिटल की निदेशक मोनिका, ओल्ड एज होम प्रबंधक प्रकाश बंसल सहित कई अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

250 दिव्यांग बच्चों ने ली सक्रिय सहभागिता

जिला स्तरीय इस समारोह में लगभग 250 दिव्यांग बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में: संवेदनशीलता, समान अवसर, सहभागिता, और समावेशी विकास की भावना को और मजबूत करना था।