विक्रम ठाकुर का हमला, विक्रमादित्य सिंह पर निशाना

rakesh nandan

13/04/2026

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। पूर्व मंत्री एवं जसवां-प्रागपुर से विधायक विक्रम ठाकुर ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

विक्रम ठाकुर ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह इन दिनों फेसबुक और मीडिया के माध्यम से बयानबाजी कर खुद को बड़ा नेता साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह असफल है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जैसे वरिष्ठ नेताओं पर टिप्पणी करना उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अपनी ही पार्टी और सरकार में हाशिए पर जाने के कारण विक्रमादित्य सिंह अब सुर्खियों में बने रहने के लिए अमर्यादित बयान दे रहे हैं। उनके अनुसार, “दिल्ली दरबार में नंबर बनाने और हाईकमान की गुड बुक में आने की चाहत में वे हिमाचल की राजनीतिक मर्यादाओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं।”

विक्रम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में विभाग पूरी तरह विफल रहा है। प्रदेश की सड़कों की हालत खराब हो चुकी है, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अब तक मलबा नहीं हटाया गया है और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी देखने को मिल रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जहां विकास कार्य होने चाहिए थे, वहां भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का माहौल बन गया है। ठेकेदारों को समय पर भुगतान नहीं हो रहा, जिससे कई परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। सरकारी भवनों का निर्माण कार्य भी ठप हो गया है और कई अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की कमी देखने को मिल रही है।

विधानसभा सत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ही कुछ विधायकों ने मंत्री की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, लेकिन मंत्री ने उनका जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक बताया और कहा कि जनता के सवालों का जवाब देना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।

विक्रम ठाकुर ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश में जो भी बड़े विकास कार्य हो रहे हैं, वे केंद्र सरकार के सहयोग से ही संभव हो पा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नेताओं ने हमेशा प्रदेश के विकास को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने विक्रमादित्य सिंह को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें नकारात्मक राजनीति से दूर रहकर प्रदेश के विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इसी प्रकार की राजनीति जारी रही, तो जनता उन्हें समय आने पर उचित जवाब देगी।

इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने भी एक अलग बयान में डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि बाबा साहब ने संविधान के माध्यम से आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया, जबकि केंद्र सरकार ने ‘पंचतीर्थ’ बनाकर उन्हें वास्तविक सम्मान प्रदान किया है।

कुल मिलाकर, यह बयानबाजी हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बढ़ते टकराव और आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति को दर्शाती है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह राजनीतिक विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है और इसका प्रदेश की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है।