किसान से उद्यमी बने वीरेंद्र सिंह, कमा रहे 5 लाख सालाना

rakesh nandan

12/01/2026

कृषि, बागवानी और पशुपालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयास जमीनी स्तर पर रंग ला रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में शुरू की गई योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अब आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण भोरंज उपमंडल के पट्टा क्षेत्र के गांव कोटलू से सामने आया है, जहां सेवानिवृत्त सैनिक वीरेंद्र सिंह हर सीजन में 4 से 5 लाख रुपये तक की सब्जियां बेच रहे हैं।

थल सेना से सेवानिवृत्ति के बाद वीरेंद्र सिंह ने पारंपरिक खेती छोड़ नकदी फसलों की ओर रुख किया। शुरुआत में सिंचाई और खेतों की जुताई बड़ी चुनौती थी, लेकिन कृषि एवं बागवानी विभाग की सब्सिडी योजनाओं से उन्हें राहत मिली। उन्होंने पॉवर टिल्लर ट्रैक्टर खरीदा, जिस पर 50 प्रतिशत सब्सिडी मिली, वहीं स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई प्रणाली पर 80 प्रतिशत तक अनुदान प्राप्त हुआ।

सरकारी सहायता से सिंचाई और जुताई की व्यवस्था होने के बाद वीरेंद्र सिंह ने गोभी, मटर, टमाटर, प्याज, लहसुन सहित अन्य सब्जियों की खेती शुरू की। वर्तमान में उनके 3 कनाल खेत में मटर की फसल लहलहा रही है, जिससे 10–12 क्विंटल पैदावार की उम्मीद है। पिछले सीजन में उन्होंने 25 क्विंटल फूलगोभी उगाई, जिसे हमीरपुर सब्जी मंडी में 40 रुपये प्रति किलो तक दाम मिले।

वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वे सालाना 4 से 5 लाख रुपये तक की सब्जियां बेच रहे हैं। आय बढ़ाने के लिए उन्होंने मुर्गी पालन, बकरी पालन और मशरूम उत्पादन को भी अपनाया है। हाल ही में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षण लेकर उन्होंने 150 बैगों में मशरूम उत्पादन शुरू किया, जिसकी पहली फसल 11 हजार रुपये में बिकी।

उन्होंने कहा कि किसान और बागवान यदि सरकार की योजनाओं का सही उपयोग करें तो खेती से अच्छी आय संभव है। गांव कोटलू के इस पूर्व सैनिक की सफलता अन्य किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।